प्राइवेट लैब में पॉजिटिव, सरकारी में निगेटिव, निजी लैब में बढ़ी कोरोना की जांच

सरकारी लैब से ज्यादा लोग प्राइवेट लैब पर विश्वास जता रहे, प्राइवेट लैब और मेडिकल कॉलेज की लैब की जांच में फर्क भी आ रहा

Update: 2020-07-13 13:24 GMT

कानपुर। निजी लैब में कोरोना की जांचें बढ़ रही हैं। सरकारी लैब से ज्यादा लोग प्राइवेट लैब पर विश्वास जता रहे हैं। इसके अलावा प्राइवेट लैब और मेडिकल कॉलेज की लैब की जांच में फर्क भी आ रहा है। एक-दो निजी लैब रैपिड कार्ड, ट्रू नॉट और सीबी नॉट से जांच कर रही हैं। उनके यहां आया पॉजिटिव रोगी कोविड लैब की जांच में निगेटिव आ रहा है। इससे भ्रम की स्थिति पैदा हो रही है। इस वक्त सबसे अधिक पॉजिटिव निजी लैब की जांच में आ रहे हैं। स्वरूपनगर के रहने वाले 25 वर्षीय रोगी की निजी लैब में रिपोर्ट पॉजिटिव आई।

इसके बाद जब रोगी का सैंपल मेडिकल कॉलेज की कोविड लैब भेजा गया तो रिपोर्ट निगेटिव आई है। इसके बाद तीसरी लैब में जांच कराई तो भी रिपोर्ट निगेटिव आई है। लोगों का कहना है कि इससे भ्रम की स्थिति पैदा हो जाती है। इसी तरह एक दो मामले और हैं जिनकी रिपोर्ट पहले दिन पॉजिटिव आई और अगले दिन कोविड लैब से निगेटिव हो गई। इस स्थिति में अब लोग हैलट के फ्लू ओपीडी जाकर चेक कराने के बजाए खुद निजी लैब जाकर जांच करा रहे हैं। इसके अलावा एक निजी अस्पताल ने भी कोरोना की जांच शुरू कर दी है। निजी लैबों में कोविड लैब से तीन गुना अधिक रोगी पॉजिटिव आ रहे हैं। पालीवाल डायग्नोस्टिक्स के एमडी डॉ. उमेश पालीवाल ने बताया कि रोगियों की संख्या बढ़ी है। वह आरटी-पीसीआर से जांच करा रहे हैं। 

 (हिफी न्यूज)

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