तेजतर्रार IPS अफसर आकाश बने सहारनपुर जनपद के कप्तान

जब जनता को आईपीएस अधिकारी द्वारा किये गये कार्य का पता चला, तो वहां की पब्लिक ने उनकी वाहवाही की थी

Update: 2021-10-23 14:38 GMT

सहारनपुर। वर्ष 2013 बैच के आईपीएस अधिकारी आकाश तोमर ने दुनिया के मशहूर देश अमेरिका में अच्छी खासी एवं सम्मानजनक नौकरी को छोड़कर अपने पापा के सपने की मंजिल को पाने के लिये इंडिया लौट आये थे। उनके पापा द्वारा देखे गये सपने का ही जज्बा था उनके अंदर उन्होंने देश की बड़ी सर्विस को पहले प्रयास में ही पा लिया था और 138वीं रैंक हासिल की थी। इतना ही नहीं बल्कि इस आईपीएस अधिकारी की गिनती तेजतर्रार और ईमानदारी आईपीएस अधिकारियों में होती है।

आईपीएस आकाश तोमर ने जनपद गाजियाबाद में एसपी सिटी के रूप में एक पहल की, जिसकी सूबे केे पुलिस महानिदेशक द्वारा सराहना कर पूरे प्रदेश में उसको लागू कर दिया गया था। इसी जिले में कांवड के दौरान आईपीएस अधिकारी ने शिवभक्त बनकर बाईक पर शहर में कांवड मार्ग का जायजा लेने के लिये सड़कों पर निकल गये थे। उन्होंने अपने साथ-साथ कुछ पुलिसकर्मियों को भी शिवभक्त बनकर जायजा लेने के बाद सूचना देने के लिये कहा था। आईपीएस अधिकारी ने जगह-जगह रूककर आराम कर रहे कांवडियों से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने कांवड़ियों को खुद खाना और फल वितरित किये थे। जब जनता को आईपीएस अधिकारी द्वारा किये गये कार्य का पता चला, तो वहां की पब्लिक ने उनकी वाहवाही की थी।


जनपद इटावा में आईपीएस आकाश तोमर ने एसएसपी रहते कई पहल की और वहां की जनता के दिलों पर राज किया। उन्होंने यूपीएससी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिये उन्होंने अपने नोट्स दिये थे और मार्गदर्शन देने के लिये भी आगे आये। इसी जनपद में जब एक छात्र ट्वीटर के माध्यम से उनसे मदद मांगी तो उन्होंने उसकी तुरंत मदद कर दी थी। आईपीएस अधिकारी ने अपराधी को गोपनीय सूचना पहुंचाने वाले दो पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया था। आईपीएस अधिकारी लोगों की समस्याओं का निस्तारण करने के लिये यूपी के 75 जिलों में से दो बार अव्वल रहे। इसके बाद आईपीएस आकाश तोमर ने जनपद प्रतापगढ़ में भी कप्तान के रूप में पब्लिक से प्रशंसा बटोरने का काम कर चुके हैं। शासन ने अब आईपीएस आकाश तोमर को जनपद सहारनपुर के एसएसपी की कमान सौंपी है।


आकाश तोमर का जन्म उत्तर प्रदेश के जनपद बुलंदशहर में 1 जनवरी 1989 को हुआ था। उनके पिता का नाम सत्यपाल सिंह तोमर है, जो एक कॉलेज में प्रधानाध्यपक रह चुके हैं। उन्होंने वीरेन्द्र स्वरूप स्कूल कानपुर से जूनियर तक की शिक्षा ग्रहण करने के पश्चात आकाश तोमर ने अनूपशहर के जेपी विद्या मंदिर से हाईस्कूल की परीक्षा को उत्तीर्ण करते हुए 92 प्रतिशत अंक हासिल किये थे। इंटर की पढ़ाई गंगा इंटरनेशनल स्कूल दिल्ली से हुई और उन्होंने इंटर में 90 प्रतिशत अंक प्राप्त किये थे। उनका चयन आईआईटी रूड़की में हुआ परन्तु इन्होंने इलाहाबाद से बीटेक किया। बीटेक करने के पश्चात एक अमेरिका कंपनी में नौकरी मिल गई थी। 


मशहूर देश अमेरिका में जॉब मिलने के पश्चात भी वह अपने आपको इस जॉब से संतुष्टि नहीं दे पा रहे थे क्योंकि उनके पापा का सपना था कि वह सिविल सर्विसेज़ में जाकर लोगों की सेवा कर सकें। उनका ध्यान पापा के सपने का साकार करने पर केन्द्रित रहा, जिसके चलते उन्होंने विदेश में मिली अच्छीखासी एवं सम्मानजनक नौकरी त्यागी और वापसी के लिये अपने वतन की राह पकड़ ली। भारत लौटकर उन्होंने अपने पापा के सपने को पूरा करने के लिये सिविल सर्विसेज़ की परीक्षा देने के लिये तैयारी में जुट गये थे। आकाश तोमर ने वर्ष 2013 में पहले प्रयास में ही सिविल सर्विसेज की परीक्षा का पास कर 138वीं रैंक हासिल की और अपने पापा के सपने को साकार किया। आईपीएस आकाश तोमर का विवाह भिवानी हरियाणा निवासी डॉ. बबीता के साथ हुआ। उनकी पत्नी डॉ. बबीता दिल्ली के कलावती अस्पताल में डॉक्टर है। आईपीएस आकाश तोमर एसपी सिटी गाजियाबाद के बाद संतकबीरनगर, बाराबंकी, इटावा में कप्तान रहे चुके हैं। अब आईपीएस आकश तोमर जनपद प्रतापगढ़ में एसपी के पद पर कार्यरत है। शासन ने उनको जनपद प्रतापगढ़ में 25 मार्च 2021 को तैनात किया था। प्रतापगढ़ से उनका ट्रांसफर कर दिया गया था। अब शासन ने आईपीएस आकाश तोमर को सहारनपुर में एसएसपी के पद पर कार्यरत किया है।



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