बड़ी कार्रवाई : जेसीबी से जमींदोज किया कुख्यात विकास दुबे का घर और महंगी गाड़ी

कुख्यात विकास दुबे शुक्रवार तड़के कानपुर में मुठभेड़ के बाद से फरार है।

Update: 2020-07-04 11:38 GMT

कानपुर जिला कानपुर में पुलिसकर्मियों पर हमले के मुख्य आरोपी हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे पर बड़ी कार्रवाई हुई है। विकास दुबे ने उसे गिरफ्तार करने के लिए भेजे गए आठ पुलिसकर्मियों की मुठभेड़ में हत्या कर देश को झकझोर दिया, शनिवार को कानपुर जिला प्रशासन ने उसके घर में तोड़फोड़ की है। जिस घर से पुलिसकर्मियों पर फायरिंग की गई थी, उसे जेसीबी की मदद से जमींदोज कर दिया गया है। घर का निर्माण बिना अनुमति के किया गया था। यहां एक भूमिगत बंकर होने की भी अफवाह थी। इसके साथ ही प्रशासन ने विकास के घर में मौजूद वाहनों को भी जब्त कर लिया है। कुख्यात विकास दुबे के घर में फॉर्च्यूनर और स्कॉर्पियों दो गाड़ियां मौजूद थीं। इनमें से एक गाड़ी विकास के नाम पर है, जबकि दूसरी गाड़ी किसी अमन तिवारी के नाम पर रजिस्टर्ड है। विकास दुबे के घर में उनके पिता थे, उन्हें किसी दूसरे घर में शिफ्ट किया गया है।

कुख्यात विकास दुबे शुक्रवार तड़के कानपुर में मुठभेड़ के बाद से फरार है। पुलिस ने शुक्रवार देर रात लखनऊ के कृष्णानगर इलाके में दुबे के घर पर छापा मारा था। विकास दुबे और उनके गुर्गों को पकड़ने के लिए, 25 टीमों का गठन किया गया है, जो राज्य के विभिन्न जिलों और अन्य राज्यों में भी छापेमारी कर रही हैं। यूपी पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स को भी इसमें लगाया गया है। पुलिस अधिकारियों ने यह भी बताया कि निगरानी टीम 500 से अधिक मोबाइल फोन को स्कैन कर रही थी और विकास दुबे से जुड़ी जानकारी प्राप्त करने का प्रयास कर रही थी, जिसपर लगभग 60 आपराधिक मामलें दर्ज है।

करीब 30 घंटे बीत जाने के बाद भी विकास दुबे पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। उसे पकड़ने के लिए पुलिस की 25 से ज्यादा टीमें उत्तर प्रदेश और अन्य प्रदेशों में लगातार छापेमारी कर रही हैं। कानपुर के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) मोहित अग्रवाल ने विकास दुबे के बारे में सही जानकारी देने वाले को 50 हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की है। साथ ही जानकारी देने वाले की पहचान गुप्त रखी जाएगी।

गौरतलब है कि गुरुवार देर रात कानपुर के चौबेपुर थाना क्षेत्र के गांव बिकरू निवासी कुख्यात अपराधी विकास दुबे को उसके गांव पकड़ने पहुंची पुलिस टीम पर हमला कर दिया गया था। इस हमले में एक सीओ, एक एसओ समेत आठ पुलिसकर्मी शहीद हो गए थे। इसके अलावा मुठभेड़ में पांच पुलिसकर्मी, एक होमगार्ड और एक आम नागरिक घायल भी हुआ है। घायल पुलिसकर्मियों को एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत स्थिर बताई गई है। पुलिस ने भी दो बदमाशों को मुठभेड़ में ढेर किया था।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शहीद हुए पुलिसकर्मियों के परिवार के सदस्यों से मिलने के लिए शुक्रवार को कानपुर पहुंचे थे और शोक संतप्त परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की। साथ ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शहीद पुलिसकर्मियों के परिवार में एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की भी घोषणा की थी।

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