उल्टा चोर - कोतवाल को डांटे की कहावत को चरितार्थ कर रहा है अख़लाक़

इससे पहले भी अखलाक ने सलीम पर एक झूठी NCR दर्ज कराई जिसमे पुलिस ने अपनी विवेचना में झूठा मानते हुए फाइनल रिपोर्ट लगा दी

Update: 2022-07-23 12:39 GMT

मेरठ। एक कहावत है उल्टा चोर कोतवाल को डांटे। यह कहावत आजकल मेरठ के उस अखलाक कुरैशी पर फिट बैठती है, जिसे सलीम अहमद ने बिना पैसे अपना पार्टनर करने की कोशिश की और उस पर भरोसा जताते हुए अपने मकान की रजिस्ट्री, उसके दो चेक के आधार पर कर दी। बाद में उन चेक का पैसा देने में टालमटोल करने वाले अखलाक और उसकी पत्नी के खिलाफ जब मेरठ के ब्रह्मपुरी थाने में दिनाक 23 मई 2022 को अमानत में खयानत , जाएं से मारने की धमकी देने तथा गाली गलौच करने का मुकदमा पंजीकृत हुआ था, जिसकी विवेचना अभी चल रही है। 

इसी मुकदमा अपराध संख्या 133/ 2022 , धारा 406, 504, 506 आईपीसी के मुकदमे में अपने खिलाफ कार्रवाई होते देख अखलाक ने न्यायालय को गुमराह करते हुए एक प्रार्थना पत्र दिया। जिसमे आरोप लगाया कि पुलिस उसकी सुनवाई नही कर रही है जबकि मेरठ जनपद के थाना ब्रह्मपुरी पुलिस ने अखलाक की तहरीर पर सलीम अहमद के खिलाफ गाली गलौज एवं जान से मारने की धमकी देने का मुकदमा पंजीकृत किया था। जिस पर मुकदमे के विवेचक ने घटना को झूठी मानते हुए फाइनल रिपोर्ट लगा दी थी। उसके बाद से अखलाक कुरेशी फिर से झूठे मुकदमे लिखाने की फिराक में लग रहा , मगर पुलिस ने उसके आरोपों को झूठा पाते हुए कोई कार्रवाई नहीं की। जिसके बाद उसने माननीय न्यायालय में एक प्रार्थना पत्र दिया और कहा कि मेरठ पुलिस उसकी सुनवाई नहीं कर रही है। जिस पर न्यायालय ने मुकदमा पंजीकृत करने के आदेश दे दिए , जिस पर ब्रह्मपुरी थाने में मुकदमा पंजीकृत हुआ है।

सलीम अहमद का कहना है कि इससे पहले भी अखलाक कुरैशी ने सलीम अहमद पर दबाव बनाने के लिए एक झूठी एनसीआर दर्ज कराई थी। जिसको पुलिस ने अपनी विवेचना में झूठा मानते हुए उस मुकदमे में फाइनल रिपोर्ट लगा दी थी। अपने आप को फंसता देख अब अखलाक कुरेशी मुझ पर 23 लाख रुपए वापस नहीं देने का दबाव बनाने के लिए मेरे और मेरे परिवार के खिलाफ झूठा मुकदमा लिखाया है। सलीम अहमद का कहना है कि जब अखलाक के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत हुआ था तो उसने अपने साले रिजवान कुरेशी पुत्र युसुफ कुरैशी के साथ मिलकर मुझे मेरे घर के पास ही अपने दो साथियों के साथ रोककर गाली गलौज करते हुए धमकी दी थी कि या तो मुकदमा वापस ले ले नहीं तो तुझे और तेरे बच्चों को जान से मार देंगे। सलीम अहमद का कहना है कि अख़लाक़ का साला रिजवान अपराधिक किस्म का व्यक्ति है तथा उसके खिलाफ लूट व अन्य जघन्य अपराधों के मुकदमे विभिन्न थानों पर दर्ज हैं तथा 15 अप्रैल 2022 को वह अपने साथियों के साथ अखलाक के इरा कॉलोनी वाले फ्लैट से ही नौचंदी पुलिस द्वारा पकड़ा गया था। जिसके खिलाफ नौचंदी पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई की है।

गौरतलब है की सलीम अहमद ने भरोसा करते हुए अपने साथ काम करने वाले अखलाक को अपने फ्लैट का बैनामा कर दिया। अखलाक ने सलीम अहमद को दो चेक बैनामे में मेंशन कराते हुए दिए थे कि मैं इसका भुगतान कर दूंगा, लेकिन रजिस्ट्री होने के बाद अखलाक लगातार सलीम अहमद को टालता रहा। बाद में वह चेक की रकम देने से मुकर गया। जिसके खिलाफ सलीम अहमद ने आईजी मेरठ रेंज प्रवीण कुमार त्रिपाठी से इंसाफ की गुहार लगाई तब आईजी मेरठ ने इसकी जांच कर मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए। आईजी प्रवीण त्रिपाठी के आदेश के बाद थाना ब्रह्मपुरी, सीओ ब्रह्मपुरी का चार्ज देख रहे आईपीएस अफसर विवेक यादव और एसपी सिटी विनीत भटनागर की जांच रिपोर्ट के बाद एसएसपी ने ब्रह्मपुरी थाने को अखलाक के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत करने के आदेश दिए। इस आदेश के बाद अखलाक और उसकी पत्नी के विरुद्ध थाना ब्रह्मपुरी पर मुकदमा दर्ज हो गया था।

  एफआईआर में सलीम अहमद ने लिखाया था कि उसकी जान पहचान अखलाक पुत्र इब्राहिम निवासी गांव महलका जनपद मेरठ से थी। सलीम का एक फ्लैट GE/A 187 प्रथम तल इरा गार्डन नूर नगर थाना ब्रह्मपुरी जनपद मेरठ में है। इस फ्लैट को खरीदने के लिए अखलाक ने सलीम से बातचीत की तो 29 लाख 50 हजार में इस फ्लैट का सौदा तय हो गया। जिस पर दिनांक 17-04-2018 को इस फ्लैट का बयाना 2 लाख रुपये सलीम को अखलाक ने दिया और बाकि रकम का लोन कराकर देने का वादा किया। अखलाक ने सलीम को जान पहचान का होने का हवाला देते हुए कहा कि जो रुपए लोन होने के बाद बकाया रह जाएंगे। मैं उसके आपको चेक दे दूंगा, जिनका हवाला रजिस्ट्री में भी कर दूंगा।

इसके बाद 31-05-2018 को HDFC बैंक द्वारा उक्त फ्लैट पर 17 लाख 50 हजार रुपये का लोन स्वीकृत करते हुए एक DD संख्या 510152 सलीम अहमद के नाम दिया गया। तथा बाकी बची रकम के उसके साथ ही अखलाक ने 3 लाख रुपये का चेक संख्या 379763 दिनांक 20-06-2018 , 3 लाख का चेक संख्या 379764 - दिनांक 20-07-2018 व 4 लाख का चेक संख्या 379765 दिनांक 20-08-2018 अफनान ट्रेडर्स प्रो ० अख़लाक़ का सलीम यह कहते हुए दिए गए कि सभी चेक अपनी दिनांक के अनुसार क्लियर हो जाएंगे । सलीम ने उससे चेक लेकर भरोसा करते हुए उसके पक्ष में उक्त फ्लैट की 2 जून 2018 को रजिस्ट्री कर उसको कब्ज़ा भी दे दिया था। सलीम ने जब कुछ दिन बाद जब चेक डालने के लिए कहा तो अखलाक़ ने मज़बूरी बताते हुए कुछ समय माँगा। समय अनुसार फिर बात करने पर कहा कि मेरे पास पैसो का इंतेज़ाम नहीं हो पा रहा है , आप फ्लैट बेच दो। कोविड महामारी की वजह से समय ऐसे ही निकल गया । दिनांक 15-11-21 को सलीम व अखलाक़ का मौखिक समझौता हुआ कि आप फ्लैट वापस लेले और रजिस्ट्री करा लें और जो बैंक का बकाया है वो जमा करना पड़ेगा। इसलिए आप मेरे एकाउंट में 13 लाख 30 हजार रुपये भेज दो मैं आपको बैंक से नोड्यूज लाकर दे दूंगा।

सलीम ने भरोसा करते हुए दिनांक 5 दिसम्बर 2021 को 380000 रू UTR NO . SBINR520211551692691, दिनांक 24 दिसम्बर 2021 को 500000 रुपये UTR NO . SBINR52021120555259594 व 450000 रुपये UTR NO . SBINR 12021122458384885 अपने बैंक खाते से अफनान ट्रेडर्स ( प्रो ० अखलाक़ ) को लोन जमा करने के लिए उसके खाते में ट्रांसफर कर दिए । दर्ज एफआईआर में सलीम अहमद ने लिखाया कि जब मैंने अखलाक से लोन खाते की स्टेटमेंट मांगी तो कुछ दिन रुकने के लिए कहा। मैंने अपने तरीके से 27-01-2022 को बैंक से स्टेटमेंट मंगाई तो बाकि रकम 1368808 रूपये देख कर मेरे होश उड़ गए । सलीम ने अखलाक़ से बात की तो अखलाक़ और उसकी पत्नी रुखसाना सलीम के घर पर आये और कहने लगे कि हमने आपके साथ धोखाधड़ी करते हुए अपने नाम रजिस्ट्री करा ली थी। हमारे मन मे था कि मैं धोखाधड़ी करके आपका फ्लैट हड़प लेंगे। अखलाक ने कहा कि वो चेक भी मेरी कोशिश थी कि कूटरचना करते हुए गलत दे दूं लेकिन जल्दी में आकर सही चेक आपको दे दिए अब मैं रजिस्ट्री कराकर फंस गया हूँ। आप मुझे माफ़ कर दो। मैं आपका पैसा बैंक में जमा करकर जल्द ही बैंक से NOC ला कर दे दूंगा और 01- 02-2022 को फ्लैट खाली कर पर सलीम के घर चाबी दे गया।

गौरतलब है कि दिनांक 18-02-2022 मेरे बेटे शादाब कुरैशी ने अपने मोबाइल नम्बर 9319193167 से अखलाक के फोन नंबर 9897421707 पर फ़ोन कर बैंक की NOC की बात कि तो उसने गाली गलौच करते हुए जान से मारने की धमकी दी। जब सलीम के बेटे शादाब ने सलीम यह बात बताई तो सलीम ने दिनांक 19 फरवरी 2022 को अपने मोबाइल नंबर 9910868786 से अखलाक के फ़ोन नम्बर 9897421707 पर बात की तो सलीम ने उससे बैंक की NOC अब तक नही आने एंव शादाब को गाली देने की बात पूछी तो उसने मुझे गाली गलौच करते हुए धमकी दी कि अगर तुमने मुझ पर बैंक से एनओसी लाने या फिर अपने पैसे वापस मांगे तो मैं तुम्हारे खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज करा दूंगा। उसने धमकी दी कि मैंने बैंक में पैसे नही होने के बाद भी तुम्हें चेक देकर तुम्हारी रकम और फ्लैट कूटरचित दस्तावेजो के आधार पर हड़पने की नीयत से तुम्हारे साथ धोखाधड़ी की है और अगर तुमने मुझसे अपने रुपए वापस मांगे तो तुम्हें जान से मार दूंगा। अखलाक एंव उसकी पत्नी रुखसाना ने प्रार्थी को फर्जी चेक देते हुए प्रार्थी को धोखे में रखकर अपने पक्ष में रजिस्ट्री करा ली और अब उसने प्रार्थी के साथ छल कपट करते हुए बैंक से नोड्यू सर्टिफिकेट लाकर देने के नाम पर 13 लाख 30 हजार रुपये अपने अकाउंट में लेकर प्रार्थी के साथ धोखाधड़ी की है। सलीम अहमद की तहरीर के बाद पुलिस ने पूरे मामले की जांच की और जांच में सब सही पाए जाने पर ब्रह्मपुरी थाने में अखलाक और उसकी पत्नी के खिलाफ अभियोग पंजीकृत कर लिया था, जिसकी विवेचना जारी है ।




 



 







 



 




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