एक जिला, दो कप्तान, एक साल में किये बड़े-बड़े काम
जिले में की गई एक साल की कार्रवाई से खोजी न्यूज आपको रूबरू कराता है।
शामली। वर्ष 2025, यानी पूरे एक साल का कार्यकाल की बात है। वर्ष 2025 में पश्चिमी यूपी के हरियाणा प्रदेश की सीमा से सटे हुए जिले शामली में दो आईपीएस ने कप्तान के रूप में कमान संभाली। पहले आईपीएस अधिकारी हैं रामसेवक गौतम। दूसरे आईपीएस अधिकारी है, जो फिलहाल शामली पुलिस के मुखिया है नरेन्द्र प्रताप सिंह। आईपीएस अधिकारी रामसेवक गौतम के तबादला होने के बाद शासन ने नरेन्द्र प्रताप सिंह को शामली जिले को पुलिस कमांडर बनाया। बदमाशों पर आईपीएस रामसेवक गौतम का चाबुक लगातार चल रहा था, जिसे लगातार आईपीएस अधिकारी नरेन्द्र प्रताप सिंह ने कप्तान के तौर पर जारी रखा। एक साल के कार्यकाल के दौरान आईपीएस रामसेवक गौतम और आईपीएस अधिकारी नरेन्द्र प्रताप सिंह की अगुवाई में शामली जिले में की गई एक साल की कार्रवाई से खोजी न्यूज आपको रूबरू कराता है।
गौरतलब है कि वर्ष 2025 में जनपद में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने, अपराध नियंत्रण तथा आमजन में सुरक्षा की भावना को मजबूत करने की दिशा में शामली पुलिस द्वारा अनेक उल्लेखनीय उपलब्धियाँ प्राप्त की गई हैं। शासन की मंशा के अनुरूप निष्पक्ष, पारदर्शी एवं जनहितेशी पुलिसिंग सुनिश्चित की गई है।
शामली पुलिस द्वारा संगठित अपराध, गैंगस्टर, हिस्ट्रीशीटर एवं वांछित अपराधियों के विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही की गई। गंभीर अपराधों में संलिप्त अपराधियों की गिरफ्तारी हेतु चलाए गए विशेष अभियानों के दौरान 65 पुलिस कार्यवाही (मुठभेड़) में कुल 87 कुख्यात/वांछित अपराधियों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें से 8 अभियुक्तों की दौराने उपचार मृत्यु हुई है जबकि आत्मरक्षार्थ में की गई पुलिस कार्यवाही में 65 अपराधी घायल हुए तथा इस दौरान एक पुलिसकर्मी मृत तथा 5 पुलिसकर्मी घायल हुए। उक्त सभी मामलों में विधिक प्रक्रिया का पूर्ण पालन करते हुए घायलों को उपचार हेतु अस्पताल भेजा गया तथा अग्रिम विधिक कार्यवाही की गई।
शामली जिले के थानों पर हत्या में कुल 23 अभियोग पंजीकृत हुए जिनमें 6 अभियोग अज्ञात में पंजीकृत किये गये थे। सभी 23 मुकदमों का सफल अनावरण कर अभियुक्तगणों को जेल भेजा जा चुका है। लूट के कुल 9 अभियोग पंजीकृत हुए है जिनमें से 9 अभियोगो का सफल अनावरण किया जा चुका है। चोरी के कुल 204 अभियोग पंजीकृत हुए है जिनमें से 177 अभियोगो का सफल अनावरण एवं अभियुक्तगण की गिरफ्तारी कर अपराधियों को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जिससे अपराधियों में भय एवं आमजन में विश्वास की भावना बढ़ी।
पुलिस उप महानिरीक्षक सहारनपुर परिक्षेत्र अभिषेक सिंह के निर्देशन में चलाये जा रहे ऑपरेशन सवेरा के क्रम में शामली जिले के थानों पर कुल 166 अभियोग पंजीकृत हुए है जिनमें शामली पुलिस द्वारा 257 अभियुक्तों को गिरफ्तार कर 1612 किलो 129 ग्राम अवैध मादक पदार्थ (अनुमानित कीमत 14,26,10,006 रुपये) बरामद किये गये है।
शामली पुलिस द्वारा अभियुक्तों के विरूद्ध पिट एनडीपीएस/एनएसए, 19 अभियोगों में 80 अभियुक्तों के विरूद्ध गैंगस्टर व 285 अभियुक्तों के विरूद्ध गुण्डा एक्ट की कार्यवाही की गई है ।
शामली पुलिस द्वारा गैंगस्टर की धारा 14(1) के अन्तर्गत 2 प्रकरणों में 36 करोड़ की समपत्ति जब्त की गयी है ।
शामली पुलिस द्वारा वर्ष 2025 में जनपदीय पुलिस द्वारा 675 मोबाइल फोन (कीमत करीब 1 करोड़ 15 लाख रूपये) बरामद किये गये है।
शामली पुलिस द्वारा महिला एवं बाल सुरक्षा को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए महिला अपराधों एवं पॉक्सो मामलों में संवेदनशीलता के साथ शीघ्र विवेचना सुनिश्चित की गई। महिला हेल्प डेस्क एवं शिकायत निस्तारण प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाया गया।
शामली पुलिस द्वारा मिशन शक्ति केन्द्र के अन्तर्गत जनपद के 09 थानों में मिशन शक्ति केन्द्र स्थापित किये गये है । जिनके द्वारा 1361 जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किये गये जिनमें 66,349 महिलाओं को जागरूक किया गया तथा 52,126 सरकारी योजनाओं व हेल्पलाइन से सम्बन्धित पम्पलेट वितरित किये गये ।
शामली पुलिस द्वारा यातायात व्यवस्था को सुव्यवस्थित करने तथा सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने हेतु विशेष अभियान चलाए गए। ट्रैफिक पुलिस एवं ट्रैफिक वार्डनों के समन्वय से सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ी । वर्ष 2024 में 270 दुर्घटनाओ के सापेक्ष 289 दुर्घटनाये हुई जिनमें वर्ष 2024 में 162 मृत्युओ के सापेक्ष 2025 में 144 मृत्यु हुई।
शामली पुलिस द्वारा वर्ष 2025 में ऑपरेशन कन्वेक्शन के तहत 568 अभियोगों में कुल 784 अभियुक्तों को सजा करायी गयी है जिनमें 17 अभियुक्तो को आजीवन कारावास, 07 अभियुक्तो को 20 वर्ष का कारावास, 12 अभियुक्तो को 10 वर्ष या 10 वर्ष से अधिक परन्तु 20 वर्ष से कम का कारावास तथा 516 अभियुक्तो को 07 वर्ष से कम का कारावास की सजा करायी गयी है ।
शामली पुलिस द्वारा साइबर अपराधों की रोकथाम एवं त्वरित निस्तारण हेतु विशेष प्रयास किए गए तथा साइबर हेल्पलाइन के माध्यम से शिकायतों का समयबद्ध समाधान कराया गया । साइबर अपराध में कुल 1728 प्रकरणों में गई धनराशि 3,08,99,836 रुपये में से 1,32,73,040 रुपये (करीब 43ः) की धनराशि वापस करायी गयी है ।
पुलिस अधीक्षक द्वारा नियमित जनसुनवाई के माध्यम से आम नागरिकों की समस्याओं को गंभीरता से सुना गया और उनके त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए गए, जिससे पुलिसदृजन संवाद सुदृढ़ हुआ।
शामली पुलिस द्वारा पर्व-त्योहारों, मेलों एवं सार्वजनिक आयोजनों के दौरान प्रभावी पुलिस प्रबंधन, भीड़ नियंत्रण एवं यातायात व्यवस्था सुनिश्चित कर सभी कार्यक्रमों को शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न कराया गया।
जनसुनवाई पोर्टल आईजीआरएस में माह सितम्बर में जनपद की 51 वी रैकिंग थी, जिसमें सुधार करते हुए माह अक्टूबर व माह नवम्बर में जनपद शामली का आईजीआरएस में प्रथम स्थान रहा है।