ईडी एवं एनआईए खंगाल रही पीएफआई के ठिकाने- संगठन मुखिया अरेस्ट

मिल रही जानकारी के मुताबिक गिरफ्तार किए गए पीएफआई के लोगों में संगठन का मुखिया ओमा सालम भी शामिल है।

Update: 2022-09-22 06:22 GMT

नई दिल्ली। नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी के साथ-साथ प्रवर्तन निदेशालय की टीमें देश के 11 राज्यों के भीतर पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया के ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापामार कार्यवाही करते हुए उन्हें खंगाल रही है। टेरर फंडिंग मामले में की जा रही इस छापामार कार्रवाई के दौरान पीएफआई से जुड़े तकरीबन 106 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। मिल रही जानकारी के मुताबिक गिरफ्तार किए गए पीएफआई के लोगों में संगठन का मुखिया ओमा सालम भी शामिल है।

बृहस्पतिवार को नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी एवं प्रवर्तन निदेशालय की ओर से टेरर फंडिंग मामले में उत्तर प्रदेश, केरल, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु, असमच बिहार, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, पुडुचेरी, मध्य प्रदेश एवं राजस्थान में पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया के विभिन्न ठिकानों पर छापामार कार्यवाही का काम किया जा रहा है। छापामार कार्यवाही को नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी के तकरीबन 200 अधिकारी अंजाम देने में लगे हुए हैं।

आतंकवादी फंडिंग, प्रशिक्षण शिविर आयोजित करने और प्रतिबंधित संगठनों में शामिल करने के लिए और लोगों को कट्टरपंथी बनाने के आरोप में राज्य के कई हिस्सों में कई पीएफआई कार्यकर्ताओं व नेताओं को हिरासत में लिया गया है।

एनआईए ने बेंगलुरु में रिचमंड टाउन में पीएफआई के राष्ट्रीय सचिव मोहम्मद साकिब के घर की तलाशी ली। पीएफआई सचिव अफसर पाशा और कर्नाटक प्रदेश अध्यक्ष नासिर पाशा के घरों की भी तलाशी ली गई।

पीएफआई ने एक बयान में कहा कि इसके राष्ट्रीय, राज्य और स्थानीय नेताओं के घरों पर छापेमारी की जा रही है। राज्य समिति के कार्यालय पर भी छापेमारी की जा रही है। बयान में कहा गया " हमारी आवाज को दबाने लिए एजेंसियों के इस्तेमाल करने का हम कड़ा विरोध करते हैं।"

एनआईए ने मंगलुरु में एसडीपीआई और पीएफआई जिला कार्यालयों में तलाशी अभियान चलाया गया। दक्षिण कन्नड़ में कुलई के पास अब्दुल खादर कुलई के घर पर भी छापे मारे गए। अब्दुल एसडीपीआई के जिला अध्यक्ष अबुबकर कुलई के भाई हैं।

कर्नाटक के गृहमंत्री अरागा ज्ञानेंद्र ने कहा कि पुलिस धर्म के आधार पर कार्रवाई नहीं करती है। अगर राष्ट्र के खिलाफ काम करने वाले लोग अल्पसंख्यक हैं तो पुलिस क्या कर सकती है। पुलिस यह देखकर कार्रवाई नहीं करती कि अपराधी किस धर्म के हैं।श्री ज्ञानेंद्र ने कहा " कुछ दिन पहले आईएस से जुड़े दो लोगों को गिरफ्तार किया गया था, जो सार्वजनिक स्थानों पर बम विस्फोट करके समाज में दहशत पैदा करने की योजना बना रहे थे। शिवमोग्गा पुलिस ने इसका खुलासा किया। मैं उनके प्रयासों को सलाम करता हूं।"

एनआईए सूत्रों ने बताया कि बाजपे, जोकट्टे, कावूर और कुलाई में एसडीपीआई और पीएफआई नेताओं के कई घरों पर भी तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।

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