कौन होगा नया DGP - सीएम योगी की मंशा में फिट बैठते हैं IPS आनंद कुमार

डीजीपी मुकुल गोयल के हटने के बाद 5 आईपीएस अफसरों के नाम की चर्चा है मगर आईपीएस आनंद कुमार का नाम इस लिस्ट में सबसे आगे है

Update: 2022-05-12 07:52 GMT

लखनऊ। कल शाम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश के डीजीपी मुकुल गोयल को उनके पद से हटाते हुए एडीजी कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार को कार्यवाहक डीजीपी के तौर पर तैनात कर दिया गया है। अब नए डीजीपी के लिए 5 नाम चर्चा में है। वैसे तो यूपी सरकार 3 आईपीएस अफसरों का नाम केंद्र सरकार को भेजेगी और वही से उत्तर प्रदेश का नया डीजीपी क्या होगा लेकिन 1988 बैच के आईपीएस अफसर और डीजी जेल का दायित्व संभाल रहे आनंद कुमार का नाम भी उनकी अपराधियों के खिलाफ सख़्त कार्यशैली को लेकर नए डीजीपी के लिए चल रहा है। 

गौरतलब है कि मुकुल गोयल के डीजीपी पद से हटने के बाद सरकार के गलियारों में 1987 और 1988 बैच के 5 आईपीएस अफसरों के नाम गूंज रहे हैं। इनमें से आरपी सिंह, डीएस चौहान, राजकुमार विश्वकर्मा और आनंद कुमार के नाम प्रमुख है। इन सब में आनंद कुमार को इस रेस में इसलिए भी आगे माना जा रहा है क्योंकि वह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अपराधियों के खिलाफ चल रहे मिशन की मंशा में फिट बैठते हैं।

दरअसल जब उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में 2017 में भाजपा की सरकार आई थी तो मुख्यमंत्री ने सबसे पहले यूपी पुलिस को बदमाशों के खिलाफ हल्ला बोल अभियान शुरू करने के निर्देश दिए थे। तब सरकार ने 1988 बैच के आईपीएस अफसर आनंद कुमार को मेरठ जोन के एडीजी का जिम्मा सौंपा था। एडीजी की जिम्मेदारी संभालते ही आनंद कुमार ने मेरठ जोन में बदमाशों के खिलाफ मुहिम शुरू कर दी थी। इसी को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बाद में आनंद कुमार को एडीजी कानून एवं व्यवस्था बनाया तो तेजतर्रार आईपीएस प्रशांत कुमार को एडीजी मेरठ जोन की जिम्मेदारी दे दी थी।

दोनों अफसरों ने बदमाशों के खिलाफ इस तरह हल्ला बोला था कि जेल के अंदर हाउसफुल के बोर्ड के नजर आने लगे थे। एक समय तो ऐसा था कि बदमाश अपने गले में तख़्ती डालकर जान की अमान मांग रहे थे। योगी सरकार के 5 साल के कार्यकाल में अगर 160 बदमाशों को ढेर करते हुए हजारों बदमाशों को जेल की चारदीवारी में अगर बंद किया गया है तो उसके लिए डीजी जेल आनंद कुमार और एडीजी कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार की अहम भूमिका है।

इसी को देखते हुए अब उत्तर प्रदेश के नए डीजीपी की दौड़ में आनंद कुमार का नाम इसीलिए घूम रहा है क्योंकि मुख्यमंत्री की मंशा के अनुसार अपराधियों के खिलाफ हल्ला बोलने में आनंद कुमार तेजी से काम करते हैं।

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