केंद्र का हाईकोर्ट में दो टूक जवाब-सरकार का नहीं है पीएम केयर्स फंड

अब पीएम केयर्स फंड की वैधता और उसके लिये जनता के प्रति जवाबदेही को लेकर में सवाल खड़े हो गए हैं।

Update: 2021-09-23 09:04 GMT

नई दिल्ली। उच्च न्यायालय को दी गई जानकारी में केंद्र सरकार की ओर से बताया है कि पीएम केयर्स फंड सरकार का नहीं है और इसमें जमा कराई गई धनराशि सरकारी खजाने में नहीं जाती है। हाईकोर्ट के समक्ष किये गये इस खुलासे के बाद अब पीएम केयर्स फंड की वैधता और उसके लिये जनता के प्रति जवाबदेही को लेकर में सवाल खड़े हो गए हैं।

दरअसल वर्ष 2020 के मार्च माह में एक पब्लिक चैरिटेबल ट्रस्ट के रूप में पीएम केयर्स फंड की स्थापना की गई थी। उसी समय से देश के भीतर पीएम केयर्स फंड को स्थापित करने के उद्देश्य और इसके संचालन में पारदर्शिता की कमी को लेकर विवाद चला आ रहा है। देश के कई लोगों ने सूचना के अधिकार के अंतर्गत आरटीआई आवेदन देते हुए पीएम केयर्स फंड के बारे में जानकारियां हासिल करने की कोशिश की है। लेकिन अभी तक इस संबंध में पूरी तस्वीर निकलकर सामने नहीं आई है। दिल्ली हाईकोर्ट में चल रहे एक मामले पर हुई सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से दी गई जानकारी के दौरान यह सामने आया है कि पीएम केयर्स फंड सरकार का नहीं है और इसमें जमा की गई धनराशि सरकारी खजाने में नहीं जाती है।

वकील सम्यक गंगवाल ने हाईकोर्ट में दो अलग-अलग याचिकाएं दाखिल कर रखी है। एक याचिका में फंड को आरटीआई कानून के तहत पब्लिक अथॉरिटी घोषित करने तथा दूसरी याचिका में स्टेट घोषित करने की गई है। 22 सितंबर को दूसरी याचिका पर हुई सुनवाई के दौरान प्रधानमंत्री कार्यालय के एक अधिकारी ने हाईकोर्ट को जानकारी देते हुए बताया है कि पीएम केयर्स फंड के नाम से गठित ट्रस्ट चाहे संविधान के अनुच्छेद 12 के अंतर्गत स्टेट हो या नहीं और आरटीआई कानून के तहत पब्लिक अथॉरिटी हो या न हो, किसी थर्ड पार्टी की जानकारी देने की हमें अनुमति नहीं है। सरकार के इस फंड को थर्ड पार्टी कहने से मामला अब और अधिक पेचीदा हो गया है।

अधिवक्ता सम्यक गंगवाल पहले ही अदालत को बता चुके हैं कि फंड की वेबसाइट पर उससे संबंधित जो भी कागजात मौजूद हैं उनमें यह बताया गया है कि ट्रस्ट की स्थापना ना तो संविधान के अंतर्गत की गई है और ना ही संसद द्वारा पारित किए गए किसी कानून के अंतर्गत। इसके बावजूद सरकार के सबसे उच्च दर्जे के अधिकारी का नाम इस फंड से जुड़ा हुआ है। प्रधानमंत्री पदेन रुप से इस पीएम केयर्स फंड के अध्क्षक्ष हैं और रक्षा, गृह और वित्तमंत्री पदेन रूप से इस के ट्रस्टी हैं। इसका मुख्य कार्यालय पीएमओ के भीतर ही है और पीएमओ में ही एक संयुक्त सचिव स्तर के अधिकारी इस पीएम केयर्स फंड का संचालन करते हैं।

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