सेनिटाइजर उत्पादन में अव्वल यूपी आबकारी विभाग ने कमाया रिकार्ड राजस्व

नोवेल कारोना वायरस (कोविड-19) के देश में बढ़ते प्रभावके दृष्टिगत उत्तर प्रदेश राज्य में उत्पादित सैनिटाइजर के संबंध में।

Update: 2020-07-10 15:58 GMT

 लखनऊ अपर  मुख्य सचिव आबकारी  संजय आर. भूसरेड्डी द्वारा अवगत कराया गया कि देश एवं प्रदेश में कोरोना वायरस का संक्रमण तेजी से फेैल रहा हेै। उत्तर प्रदेश राज्य में देश के अन्य राज्यों की तुलना में अधिक प्रवासी मजदूर आये, जिन्हें मुख्य मंत्री योगी आदित्यनाथ  के निर्देशानुसार आश्रय स्थलों पर रखा गया और मेडिकल जाॅच कराने के उपरान्त उन्हें होम क्वारंटाइन किया गया, जिससे इस महामारी का फैलाव सीमित रहा है। मुख्य मंत्री योगी आदित्यनाथ के विशेष प्रयासों से उत्तर प्रदेश जैसे सर्वाधिक जनसंख्या वाले राज्य में करोना प्रभावित व्यक्ति की संख्या अन्य प्रदेश के मुकाबले कम है। राज्य में किये जा रहे प्रयासों के अंतर्गत इस महामारी को रोकने हेतु सेनटाइजर का उत्पादन युद्ध स्तर पर किये जाने के निर्देश मुख्य मंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा दिये गये हैं। कोरोना वाइरस की रोक-थाम में मुख्य रूप से सहायक सेनेटाइजर के अधिक से अधिक उत्पादन के निर्देश मुख्य मंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा दिये गये हैं।

अपर मुख्य सचिव आबकारी संजय आर. भूसरेड्डी ने बताया कि मुख्य मंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशानुसार प्रदेश में स्थापित चीनी मिलों, आसवनियों एवं अन्य ड्रग अनुज्ञापन धारक इकाईयाॅं हैण्ड सैनटाइजर का निर्माण किये जाने हेतुएफ.एल.-41 अनुज्ञापन त्वरित गति से प्रदान किये गये हैं। प्रदेश में अद्यतन 27 चीनी मिल सह आसवनी इकाईयाॅं, 12 केवल आसवनियों एवं 44 अन्य इकाईयों को सैनटाइजर निर्माण किये जाने हेतु अनुज्ञापन दिया गया है। इसी क्रम में 08 फारमेसियों द्वारा भी सेनटाइजर का निर्माण किया जा रहा है। यह भी उल्लेखनीय है कि मुख्य मंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेशों के पूर्व प्रदेश में केवल 01 इकाई द्वारा सेनटाइजर का उत्पादन किया जाता था तथा वर्तमान में 91 इकाईयों द्वारा सेनेटाइजर का उत्पादन किया जा रहा है । इससे न सिर्फ सेनेटाइजर की उपलब्धता बढ़ी है बल्कि इसके मुल्य नियंत्रण में भी सहायता मिली है । भारत सरकार के खाद्य उपभोक्ता मामले एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय से प्राप्त निर्देशों के क्रम में प्रदेश सरकार द्वारा भी निर्देशित किया गया है कि सामान्य जनता से हैण्ड सेनटाइजर का अधिकतम फुटकर मूल्य प्रति 200 एम.एल. पैक रू.-100/- से अनधिक एवं इससे अधिक मात्रा के सेनटाइजर का मूल्य इसी अनुपात में रखा जायेगा। इसी तरह शासनादेश सं.-55/2020/1380ई-2/ तेरह-2020-56/2013 दिनांक-18.06.2020 द्वारा सरकारी विभागों/अर्द्ध सरकारी विभागों/निगमों/सार्वजनिक उपक्रमों/स्वास्थ्य सेवाओं से सम्बन्धित विभागों आदि के लिए 70प्रतिशत अल्कोहल युक्त तथा 80 प्रतिशत अल्कोहल युक्त (डब्लू.एच.ओ. मानक के अनुसार) सैनेटाइजर की दर न्यूनतम पाॅंच लीटर के पैक में क्रय नियमों का पालन करते हुए न्यूनतम दरों पर जो किसी भी दशा में क्रमशः अधिकतम रूपया-85/- प्रति ली. तथा रूपया-95/- प्रति ली. निर्धारित की गयी है। इसका उल्लंघन पाये जाने पर सुसंगत नियमों के अंतर्गत कार्यवाही की जायेगी। उक्त के अतिरिक्त सेनेटाइजर को आम जन मानस तक सुलभता से पहुॅचाया जा सके इस हेतु इसकी बिक्री के लिए मुख्य मंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि विभाग के आदेश दि.-30.06.2020 द्वारा खुदरा विक्रय की भी अनुमति दिनांक-30.09.2020 तक प्रदान की गयी है, जिससे सेनेटाइजर का विक्रय मेडिकल स्टोर/जनरल स्टोर/ग्रोसरीज आदि के माध्यम से भी हो सकेगा।


अपर मुख्य सचिव आबकारी संजय आर. भूसरेड्डी ने बताया  कि प्रदेश स्थित 91 इकाईयों द्वारा दिनांक-08.07.2020 तक 1,33,88,040 ली. सेनटाइजर का उत्पादन किया गया है, जिसमें से लगभग 67,42,358 ली. प्रदेश में एवं 47,15,444 ली. देश के अन्य राज्यों को आपूर्ति की गयी है। प्रदेश में वितरित 67,42,358 ली. सेनटाइजर में 2,47,345 ली. सेनटाइजर का वितरण जिलाधिकारियों के माध्यम से विभिन्न संस्थाओं, सरकारी अस्पतालों को कराया गया है। विभिन्न जनपदों में नगर निकायों के माध्यम से सेनटाइजर का छिड़काव उन क्षेत्रों में कराया गया जहाॅं पर कारोना संक्रमण का खतरा अधिक है। लगभग 47.15 लाख लीटर की आपूर्ति देश के अन्य राज्यों को की जा चुकी हैं। इन राज्यों में असम को 47,602 ली., आन्ध्र प्रदेश को 18 ली., बिहार को 1,06,152 ली, चण्डीगढ़ को 5,057 ली., छत्तीसगढ़ को 14,391 ली., दादर व नागर हवैली को 80,000 ली., दिल्ली को 13,05,987 ली., गुजरात को 1,12,812 ली., गोवा को 1030 ली., हरियाणा को 9,72,451 ली., हिमांचल प्रदेश को 2,42,558 ली., जम्मू एवं कश्मीर को 8,549 ली., झारखण्ड को 47,835 ली., कर्नाटक को 1,30,861 ली., केरल को 7,545 ली., महाराष्ट्र को 5,14,769 ली., मध्य प्रदेश को 68,950 ली., मेघालय को 9,899 ली., नागालेैण्ड को 620 ली., ओडिसा को 60,142 ली., पंजाब को 1,18,902 ली., राजस्थान को 2,64,275 ली., तमिलनाडू को 64,380 ली., तेलंगाना को 36,147 ली., उत्तराखण्ड को 3,20,125 ली. पश्चिम बंगाल को 1,73,258 ली. मिजोरम को 04 ली. एवं लद्दाक को 03 ली. हैण्ड सेनटाइजर की आपूर्ति की गयी है। इस प्रकार उत्तर प्रदेश राज्य द्वारा प्रदेश के अन्य राज्यों में भी सेनटाइजर की आपूर्ति करके कोविड-19 के प्रकोप की रोक-थाम में सहयोग प्रदान किया जा रहा है। यह भी उल्लेखनीय है कि सेनटाइजर उद्योग में 1600 से अधिक लोगों को रोजगार प्राप्त हुआ है। सेनेटाइजर के उत्पादन/विक्रय से प्रदेश सरकार को डिनेचुरेशन फीस के रूप में 15.63 लाख रूपये, लाइसेंस फीस के मद में 586.13 लाख रूपये तथा जी.एस.टी. के रूप में 9493.99 लाख रूपये की प्राप्ति हुयी है, इस प्रकार कुल-10095.76 लाख रूपये का राजस्व प्राप्त हुआ है जबकि पूर्व में मात्र एक इकाई द्वारा सेनटाइजर का उत्पादन किया जाता था, जिससे मात्र 208.9 लाख का राजस्व प्राप्त होता था।

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