बैंकों की हड़ताल से लोग हुए परेशान - बैंक कर्मियों ने किया प्रदर्शन

सरकार द्वारा लाये गये दो बैंकों के निजीकरण के प्रस्ताव के खिलाफ देशभर के साथ जिले के बैंककर्मी हड़ताल पर चले गए।

Update: 2021-03-15 08:35 GMT

मुजफ्फरनगर। सरकार द्वारा लाये गये दो बैंकों के निजीकरण के प्रस्ताव के खिलाफ देशभर के साथ जिले भर के बैंककर्मी भी 2 दिन की हड़ताल पर चले गए। बैंकों के बंद रहने से लोगों को रूपए पैसे की किल्लत झेलनी पड़ी। व्यापारियों व औद्योगिक इकाईयों का कामकाज लेन-देन बंद होने से बुरी तरह प्रभावित हुआ। सरकार के बैंकों के निजीकरण के फैसले के खिलाफ नई मंडी क्षेत्र में पंजाब नेशनल बैंक की शाखा के बाहर बैंक कर्मचारियों ने जोरदार प्रदर्शन किया।

सोमवार को यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के बैनर तले देश की नो यूनियनों से जुड़े बैंक कर्मचारी 2 दिन की हड़ताल पर चले गए। ऑल इंडिया बैंक एम्पलाइज एसोसिएशन के महासचिव वेंकटचलम ने सोमवार से आरंभ हुई दो दिवसीय बैंककर्मियों की हड़ताल में 10 लाख बैंककर्मियों के हड़ताल में शामिल होने का दावा किया है। भारतीय स्टेट बैंक व केनरा बैंक समेत कई सरकारी बैंकों ने पहले ही अपने ग्राहकों को जानकारी दे दी है कि सोमवार और मंगलवार को हड़ताल के चलते उनके कार्यालय और शाखाओं में कामकाज पर असर पड़ सकता है। गौरतलब है कि वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने पिछले दिनों संसद में पेश किए गए बजट में ऐलान किया था कि सरकार ने इस साल 2 सरकारी बैंकों और एक बीमा कंपनी के निजीकरण का फैसला किया है।


सरकार इससे पहले आईडीबीआई बैंक में अपनी ज्यादातर हिस्सेदारी भारतीय जीवन बीमा निगम को बेंच चुकी है। पिछले 4 साल में सार्वजनिक क्षेत्र के 14 बैंकों का विलय किया जा चुका है। बैंककर्मियों का कहना है कि 9 और 10 मार्च को मुख्य श्रम आयुक्त के साथ ही बैठक में कोई सकारात्मक परिणाम नहीं निकला। इसलिए 15 और 16 मार्च को लगातार दो दिन की हड़ताल पर जाने का फैसला बैंककर्मियों द्वारा लिया गया है। बैंकों के करीब 10 लाख कर्मचारी और अधिकारी इस दो दिवसीय हड़ताल में हिस्सा ले रहे हैं।

सोमवार को जिलेभर के बैंकों में भी दो बैंकों के निजीकरण के विरोध में दो दिवसीय हड़ताल शुरू हो गई है। जिसके चलते जिलेभर के बैंक बंद रहे। बैंककर्मियों ने शाखाओं के बाहर सरकार के निर्णय के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। बैंकों की हड़ताल से लोगों को रुपए पैसे की किल्लत झेलनी पड़ी। व्यापारिक और औद्योगिक इकाइयों पर भी बैंकों की दो दिवसीय हड़ताल का लेन-देन ना होने की वजह से गहरा असर पड़ा। बैंककर्मियों की हड़ताल के चलते जिलेभर के विभिन्न स्थानों पर लगे बैंकों के एटीएम भी खाली मिले। जिसके चलते लोग पैसे की चाहत में एटीएम के इधर से उधर चक्कर लगाते देखे गए।



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