विचारधारा की लड़ाई- नया संगठन बनाना खाप का अपमान नहीं- धर्मेंद्र

विचारधारा की लड़ाई- नया संगठन बनाना खाप का अपमान नहीं- धर्मेंद्र

मुजफ्फरनगर। भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक के पदाधिकारियों ने प्रेस वार्ता करते हुए अपनी बात रखी और कहा कि भारतीय किसान यूनियन का राजनीतिकरण हो चला था, जिसकी वजह से अब हमारे और उनके विचार आपस में मेल नहीं खा रहे थे। इसी वजह से हमें अपना अलग से अराजनैतिक संगठन बनाना पड़ा है।

शनिवार को शहर के महावीर चौक स्थित एक निजी होटल में आयोजित की गई भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक की पत्रकार वार्ता में मीडिया कर्मियों से बातचीत करते हुए संगठन के राष्ट्रीय प्रवक्ता धर्मेंद्र मलिक ने कहा है कि भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक संगठन के समर्थन में गठवाला खाप के चौधरी राजेंद्र मलिक, लाटियान खाप के अशोक चौधरी, राजबीर सिंह मुंडेट समेत तकरीबन एक दर्जन खापों के चौधरियों ने उनके संगठन को अपना समर्थन दिया है। इस अवसर पर चौधरी राजेंद्र मलिक ने कहा कि वह भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक संगठन के साथ मिलकर किसानों के मुद्दों की लड़ाई को आगे बढ़ाएंगे।

इस दौरान धर्मेंद्र मलिक ने चौधरी राकेश टिकैत पर आरोप लगाते हुए कहा है कि किसान की लड़ाई की जरूर है। लेकिन किसानों के असल मुद्दों को इस समय पीछे रखा जा रहा है। उनके द्वारा अपने आपकी ब्रांडिंग ज्यादा की जा रही है। चौधरी महात्मा टिकैत ने कई आंदोलन बिना किसी मांग पूरी होने के इसलिए समाप्त कर दिए थे क्योंकि आंदोलन भटकाव की ओर बढ़ चले थे। चौधरी धर्मेंद्र मलिक ने बताया कि किसी भी संगठन के टूटने अथवा नए संगठन के बनने से किसी खाप के चौधरी पर हमला नहीं हो सकता है। खाप का काम समाज के कामकाज देखना है।

धर्मेंद्र मलिक ने सिसौली में पूर्व बीजेपी विधायक उमेश मलिक के साथ हुई घटना पर समस्त खापो को धन्यवाद देते हुए कहा है कि यदि खापों को तोड़ने की बात होती तो इस मामले को बढ़ाया जा सकता था। लेकिन सभी चौधरियों ने मिलकर उस पूरे प्रकरण को खाप का रंग नहीं लगने दिया था।

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