कप्तान का फॉर्मूला- 24 घंटे में खुलासा कर भेजा आरोपियों को जेल

कप्तान का फॉर्मूला- 24 घंटे में खुलासा कर भेजा आरोपियों को जेल

प्रयागराज। एसएसपी अजय कुमार के निर्देशन में थाना नवाबगंज पुलिस व एसओजी टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए थाना नवाबगंज इलाके में करीब 38 वर्षीय महिला सीमा देवी पत्नि वीरूराम निवासी चैनी का पूरा, थाना नवाबगंज प्रयागराज की अपहरण कर हत्या कर देने की वारदात का 24 घंटे के समय में खुलासा किया है। पुलिस ने घटना कारित करने वाले दो मुख्य आरोपी एवं सहयोग एवं षडयंत्र करने वाले व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें कारागार भेज दिया है।

गौरतलब है कि दिनांक 2 फरवरी को मृतका के भाई धर्मेंद्र द्वारा अपनी बहन मृतका सीमा देवी के अपहरण की सूचना दी गई। दी गई सूचना के आधार पर तत्काल अभियोग पंजीकृत कर क्राइम ब्राच/पुलिस की टीमों का गठन किया गया। आस पास थानों व जनपदों से सम्पर्क स्थापित किया गया तो थाना कोखराज जनपद कौशांबी में एक महिला का शव मिलने की सूचना मिली। सूचना पर पहचान कराई गई तो शव की पहचान मृतका सीमा देवी के रूप में हुई तथा उसका मोबाइल भी मिला। पंचायतनामा की कार्यवाही थाना कोखराज से की गई। टीमों को पुनः तेजी से सक्रिय किया गया तो मृतका के यहां आने वाले धीरज उर्फ राजा सरोज पुत्र बृजलाल सरोज निवासी गलगली थाना बाघराय प्रतापगढ से पूछताछ की गई तो उसने अपने साथी जग्गू उर्फ सरोज पुत्र राजकुमार निवासी बभनपुर थाना बाघराय प्रतापगढ व दूसरे सहयोगी साथी मदन लाल सरोज पुत्र सतीश चन्द्र निवासी रामगढ बनोही थाना बाघराय प्रतापगढ के साथ घटना कारित करना बताया। पुलिस ने उनके पास से मृतका का सिम व मृतका के घर की चाबी, घटना में प्रयुक्त अल्टो कार, घटना में प्रयुक्त चार मोबाइल फोन और 1480 रूपये नगद बरामद किये हैं। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें जेल भेज दिया है।

पुलिस को पूछताछ में आरोपी ने बताया कि आरोपी धीरज उर्फ राजा सरोज का सम्बंध काफी दिनों से मृतका सीमा देवी से चल रहा था। आरोपी धीरज व मदन के आतंरिक सम्बंध मृतका सीमा से कई बार बन चुके थे। इसी बीच धीरज उर्फ राजा सरोज ने मृतका सीमा देवी के साथ अन्य किसी आदमी को देख लेने की वजह से एक महीने बोलचाल बंद कर दी थी। इसी वजह से मृतका ने धीरज उर्फ राजा व उनके दोनों साथियों के विरूद्ध मुकदमा लिखाने के लिये इधर उधर चर्चा व थाने के चक्कर लगा रही थी तो आरोपी धीरज उर्फ राजा सरोज ने अपने साथियों के साथ मिलकर हाथ पैर जोडकर समझौता कर लिया था कि मैं शादी नहीं कर सकता लेकिन तुम्हारे यहां बराबर आता जाता रहूंगा। इस पर मृतका सीमा देवी मान गई थी लेकिन एक सप्ताह से सीमा देवी द्वारा पैसा देने, कोर्ट मैरिज, फोन से गाली गलौच करना व बदतमीजी की जा रही थी।

इस बात को आरोपी धीरज उर्फ राजा सरोज ने अपने मित्र मदन व जग्गू को बताया तो दोनों ने कहा कि इस कांटा को निकाल दो नहीं तो जेल भिजवा देगी। बराबर कोर्ट मैरिज के दबाव के कारण मैं काफी धीरज काफी परेशान हो गया था। योजना बन चुकी थी। दिनांक 30 जनवरी 2022 को रात करीब 9ः30 बजे घीरज अपनी अल्टो कार उपरोक्त से मृतका सीमा देवी के यहां पहुंच गया। गेट खुलवा कर अंदर गया तो मृतका सीमा ने गेट अंदर से बंद करने के बाद जोर जोर से मुकदमा लिखाने के लिये चिल्लाने लगी फिर धीरज को मोबाइल तोड़ दिया। आरोपी ने आगे कहा कि धीरज ने उसे काफी मनाया तथा मोबाइल दिलाने के बहाने अपनी अल्टो कार में बैठाकर लालगोपालगंज आया लेकिन दुकान बंद थी। मोबाइल नहीं मिला। वापस आते समय चौकी के सामने गाडी रूकवाने लगी लेकिन मेरे मनाने पर मान गई तथा बिहार, थाना बाघराय, जनपद प्रयागराज में मोबाइल दिलाने के बहाने जग्गू उर्फ विजेन्द्र के गांव ले गया कि इसके रिश्तेदार की दुकान है, बुलाकर दुकान खुलवाकर मोबाइल दिलाते है। जग्गू को फोन से बुलाया तथा गाडी के ड्राईवर सीट पर जग्गू को बैठकर कुंडा की तरफ चल दिया।

आरोपी धीरज ने बताया कि वह तथा सीमा दोनों कार के पीछे वाली सीट पर बैठे थे। आगे सुनसान जगह देखकर उसने सीमा का गला उसके गले में पहने हुए दुपट्टे से कस दिया। सीमा के चिल्लाने पर जग्गू उर्फ विजेन्द्र ने सीमा का मुंह व हाथ पकड लिये थे। इसी तरह दोनों ने उसकी हत्या कर दी। आरोपी ने आगे कहा कि वह लोग शव को गाडी में ही लेकर कुंडा मनिकपुर होते हुए सैनी पुल से कोखराज की तरफ टोल टैक्स पार करके गंगा नदी में पुल के ऊपर से मृतका सीमा देवी का शव व दुपट्टा फेंक दिया था। इसके बाद वह वापस अपने घर आ गये। इसी आधार पर पुलिस ने धीरर्ज उु राजा सरोज के अन्य दोनों साथी जग्गू उर्फ विजेन्द्र सरोज, मदन लाल सरोज सहित तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस को तीनों ने अपना-अपना वारदात में शामिल होना बताया है।

आरोपियों को गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम में थाना नवाबगंज प्रभारी राकेश राय, उपनिरीक्षक आशीष कुमार, मुन्ना सिंह कुशवाहा, हैड कांस्टेबल विजय नारायण, कांस्टेबल सुरेन्द्र कुमार, त्रिभुवन पांडेय, एसओजी के प्रभारी निरीक्षक वैभव सिंह, उपनिरीक्षक इंद्र प्रताप सिंह, हेड कांस्टेबल जीतेन्द्र कुमार, सिद्धार्थ राय, दीपक कुमार मिश्र, कांस्टेबल विनोद दूबे, रविदेव, याकूब खान, पीयूष पकंज चौहान, जयकांत पांडेय, अवनीश शर्मा शामिल रहे।

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