दहेज हत्या में 2 को आजीवन, 5 को 10 वर्ष का कठोर कारावास

दहेज हत्या में 2 को आजीवन, 5 को 10 वर्ष का कठोर कारावास

मुजफ्फरनगर। दहेज उत्पीड़न और दहेज की मांग करने तथा मांगे पूरी न होने पर की गई महिला की हत्या के मामले में न्यायालय की ओर से 2 दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। दोनों दोषियों को 4-4 हजार रुपए के अर्थदंड से भी दंडित किया गया है। इसी मामले में दोषी पाए गए पांच अन्य को 10-10 वर्ष के कठोर कारावास के साथ 4-4 हजार रूपये के जुर्माने की सजा सुनाई गई है।

जनपद मुजफ्फरनगर के बुढ़ाना कोतवाली क्षेत्र के गांव हुसैनपुर कलां में वर्ष 2013 में हुए दहेज उत्पीड़न, दहेज की मांग करने तथा मांग पूरी नहीं होने पर की गई गुलिस्ता की हत्या के मामले की सुनवाई सोमवार को जिला न्यायालय में फास्ट ट्रेक कोर्ट प्रथम में की गई। पुलिस की मॉनिट्रिंग सेल की ओर से की गई जोरदार पैरवी के चलते अभियोजन पक्ष की ओर से दोषियों को सजा दिलाने की अदालत के सामने दलीले रखी गई। जिसके चलते फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम के न्यायाधीश ने इस मामले में दोषी पाई गई शरीफ की पुत्री सायरा तथा दूसरी बेटी सन्नो को आजीवन कारावास की सजा सुनाने के साथ ही दोनों दोषी महिलाओं को 4-4 हजार रुपए के अर्थदंड से भी दंडित किया। इन दोनों के अलावा इस मामले में दोषी पाए गए पांच अन्य में शामिल शरीफ के पुत्र रिजवान, मेहताब, नौशाद, एहसान तथा एहसान की पत्नी ताहिरा को विद्वान न्यायाधीश 10-10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। इसके अलावा न्यायालय की ओर से पांचों दोषियों के ऊपर 4-4 हजार रुपये का जुर्माना करते हुए उन्हें अर्थदंड से भी दंडित किया गया है। अभियोजन की कहानी के अनुसार जनपद बुढ़ाना कोतवाली क्षेत्र के गांव हुसैनपुर कलां में ब्याही गुलिस्ता के साथ ससुराल वालों द्वारा दहेज उत्पीड़न करते हुए अपने मायके से अतिरिक्त दहेज के रूप में नकदी व अन्य सामान लाने की मांग की जा रही थी। पीड़िता की ओर से जब मायके वालों के माध्यम से आरोपियों की मांग को पूरा नहीं किया गया तो उन्होंने वर्ष 2013 में गुलिस्ता की हत्या कर शव को ठिकाने लगा दिया। पीड़ित मायके वालों ने सातों आरोपियों के खिलाफ बुढाना कोतवाली में तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया था। यह मामला जनपद न्यायालय में फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम में चल रहा था, जिसमें आज न्यायालय की ओर से अपना फैसला सुनाया गया है।

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