पुलिस और पब्लिक के लिए POLITE हैं सतपाल अंतिल

पुलिस और पब्लिक के लिए POLITE हैं सतपाल अंतिल


मुजफ्फरनगर। आज यूपी पुलिस हर पैमाने पर सफलता के नये आयाम स्थापित करने में जुटी है। कानून व्यवस्था की बात करें तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपनी सरकार के 30 माह के कार्यकाल के दौरान लखनऊ से लेकर सभी जनपदों में आयोजित कार्यक्रमों में इसे अपनी सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि के रूप में पेश किया है। पुलिस और पब्लिक के बीच दूरियां खत्म करने के साथ ही एग्रीसिव पुलिस का जो प्रदर्शन खाकी ने यूपी में पिछले ढाई साल में पेश किया है, वह ऐतिहासिक है। लेकिन राज्य में कानून व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए 3 हजार से ज्यादा एनकांउटर कर बदमाशों में दहशत का पर्याय बनने के साथ ही गुड पुलिसिंग के सहारे पब्लिक में एक सच्चा और अच्छा मित्र होने का विश्वास जीतने वाली खाकी कहीं ना कहीं अपने निजी जीवन की चुनौतियों के सामने टूटते आत्मविश्वास के चलते घुटने टेकने का विवश है, ऐसे में कई पुलिस अफसर ऐसे भी है जो खाकी में पैदा हो रहे इस अविश्वास को सकारात्मक दृष्टिकोण से अटूट विश्वास में बदल रहे हैं, वहीं पब्लिक के बीच भी पुलिस की छवि सुधार की प्राथमिकता अपनी कार्यशैली में कायम रखे हैं। ऐसे ही अफसरों में शुमार हैं मुजफ्फरनगर के एसपी सिटी आईपीएस सतपाल अंतिल, जो पुलिस और पब्लिक के लिए POLITE रहते हुए अपने मिशन खाकी को आगे बढ़ाने में सफल रहे हैं।


यूपी में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ढाई साल की सरकार में जिस प्रकार कानून व्यवस्था में सुधारात्मक उपलब्धि हासिल हुई, उसमें पुलिस का जौहर काबिले तारीफ है। ऐसे में पुलिसिंग के हर पैमाने पर खाकी ने खुद को साबित करने का काम किया है, लेकिन एग्रीसिव और गुड पुलिसिंग करते करते यूपी में ''मोरल पुलिसिंग'' कहीं खोती नजर आयी, यही कारण रहा है कि पिछले दिनों तनावग्रस्त चुनौती का सामना करते करते बदमाशों के आगे सीना तानकर खड़ी रहने वाली खाकी अवसाद के एनकाउंटर पर घुटने टेकते हुए नजर आयी है। राज्य में पुलिस उप निरीक्षकों से लेकर सिपाहियों तक हाल ही में कई पुलिसकर्मियों की आत्महत्या ने यूपी पुलिस की दयनीय और तनावग्रस्त जिन्दगी को भी सामने रखा गया है। इसके पीछे अधिकांश मामलों में पुलिसकर्मियों को मांगने के बावजूद भी अवकाश नहीं मिलना बड़े कारण के रूप में सामने आया। पुलिसकर्मियों के अवकाश को लेकर ज्यादातर देखने में आया है कि पुलिस अफसर संवेदनशील नहीं रहते हैं। इसी से कर्मचारी तनाव में घिरने लगते हैं।


पुलिस कर्मचारियों के बीच एक अलग मुकाम


ऐसे में मुजफ्फरनगर जनपद के एसपी सिटी सतपाल अंतिल की कार्यप्रणाली काफी जुदा हैं। पुलिस और पब्लिक के लिए POLITE रहने वाले इस आईपीएस सतपाल अंतिल ने गुड पुलिसिंग से जहां लोगों का दिल जीतने का काम किया है, वहीं मोरल पुलिसिंग करते हुए उन्होंने पुलिस कर्मचारियों के बीच एक अलग मुकाम बनाया है।

आज पुलिसिंग में ड्यूटी का भारी दबाव पुलिसकर्मियों में बना रहता है। परिवार की जिम्मेदारी निभाने को लेकर भी ये कर्मचारी अक्सर तनाव में रहते हैं। ऐसे में जब भी पुलिस कर्मचारी अवकाश की अर्जी के साथ अपने अफसरों के सामने 'जय हिन्द' के सलाम के साथ पेश होकर मानवीय अपील करते हैं तो अक्सर उनको अपने अफसरों के रोष का शिकार होकर फटकार ही सुननी पड़ती है, अपनी सुधुर मुस्कान के लिए विभाग में चर्चित एसपी सिटी सतपाल अंतिल के कार्यालय में नजारा जुदा दिखाई देता है। उन्होंने विभागीय कर्मचारियों के साथ 'मोरल पुलिसिंग' कर एक संदेश देने का काम किया। यही कारण है कि आज मुजफ्फरनगर पुलिस में किसी कर्मचारी को यदि अवकाश की आवश्यकता है तो वह 'कमांडर' के पास जाने के साथ साथ 'पैंथर' को अपनी फरियाद सुनाने को आतुर रहते हैं। इस मामले में 2015 बैच के आईपीएस अफसर सतपाल की कार्यशैली बेहद सकारात्मक है। अवकाश के लिए अर्जी के साथ उनके सामने हाजिर होने वाले कर्मचारी की वह पूरी समस्या सुनते हैं। एक तरह से उसकी काउंसलिंग कर उसको तनाव से परे लेकर संवेदनाओं के सहारे उसके मन को टटोलने का काम करते हैं और फिर पुलिस कर्मी को उम्मीद से कहीं बेहतर छुट्टी की अनुमति देकर मनोबल को बढ़ाने से भी वह पीछे नहीं हटते। ये युवा आईपीएस मोरल पुलिसिंग में अनूठा कार्य कर अपनों के गिरते मनोबल को उठाकर उनका आत्मविश्वास बढ़ाने का कोई अवसर नहीं चूक रहा। एसपी सिटी सतपाल कहते हैं कि पुलिसकर्मियों की ड्यूटी तनाव से पार पाने की एक चुनौती भी है। ऐसे में उनके पारिवारिक और निजी जीवन में कई बार ऐसी परिस्थितियां भी पेश आ जाती हैं कि उनको सर्विस लाइफ और परिवार के बीच सामंजस्य बनाने के लिए डिप्रेशन का शिकार होना पड़ जाता है। उनका कहना है कि सिस्टम से अवकाश के लिए एसओ और सीओ की अनुमति लेनी होती है, ऐसा हो तो बेहतर है, लेकिन यदि कोई कर्मचारी सीधे भी उनके सामने आता है तो वह उसकी समस्या को प्राथमिकता देते हैं। पुलिस भी समाज का ही हिस्सा है, कर्मचारियों के साथ संवेदनशील रहना भी अफसर का दायित्व है। हमारा अच्छा व्यवहार और कार्यप्रणाली यदि कर्मचारियों को अवसाद की घुटन से निकालकर आत्मविश्वास बढ़ाने में सहायक हो सकता है तो हमें इसे प्राथमिकता पर रखना चाहिए।





एसपी सिटी सतपाल अंतिल की पब्लिक डीलिंग भी बेजोड़


पुलिस के साथ ही पब्लिक के बीच POLITE रहने वाले एसपी सिटी सतपाल अंतिल की पब्लिक डीलिंग भी बेजोड़ है। तत्कालीन एसएसपी सुधीर कुमार सिंह और अब कप्तान अभिषेक यादव के कार्यकाल में सतपाल अंतिल पुलिस और पब्लिक के बीच एक मित्रतापूर्वक सम्बंध स्थापित करने में पीछे नहीं है। पुलिस कार्यालय पर आने वाले फरियादियों की पीड़ा को संवेदना के साथ सुनते हुए उसका निस्तारण कराने में एसपी सिटी सतपाल हमेशा आगे रहते हैं। जो भी व्यक्ति अपनी समस्या को लेकर उनके कार्यालय में पहुंचता है, उसकी गंभीरता के साथ बात सुनने के बाद वह तत्काल निस्तारण के लिए सम्बंधित थाना प्रभारी से फोन पर बात करते हैं और पूरी तन्मयता के साथ थाना प्रभारी को निर्देशित कर फरियादियों को तसल्ली के साथ विदा करते हैं। उनकी यही गुड पुलिसिंग लोगों के बीच पुलिस की छवि सुधार में सहायक सिद्ध हो रही है।

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