परियोजना अधिकारी डूडा संदीप कुमार लाये पीएम आवास योजना में पारदर्शिता

मुजफ्फरनगर प्रधानमंत्री आवास योजना नगरीय में गरीबों को उनके सपनों का आशियाना मिल रहा है। केन्द्र सरकार की इस स्कीम के अन्तर्गत पात्र लाभार्थी को 2.50 लाख रुपये की मदद मिलती है। यह योजना पूरी तरह से निःशुल्क है, लेकिन बड़ी योजना होने के कारण इसको लेकर कई बार सवाल भी खड़े हुए हैं। जनपद मुजफ्फरनगर में पीएम आवास योजना में जिला नगरीय विकास अभिकरण (डूडा) के स्तर पर काफी बेहतर काम हुआ है। विभाग के परियोजना अधिकारी संदीप कुमार पीएम आवास योजना में पारदर्शिता लाने में जुटे हुए हैं। उन्होंने इस योजना के अन्तर्गत दलालों पर भी अंकुश लगाने का काम किया है।

डूडा के अधीन संचालित पीएम आवास योजना गरीबों के कल्याण के लिए वरदान साबित


डूडा के अधीन संचालित पीएम आवास योजना गरीबों के कल्याण के लिए वरदान साबित हो रही है। इस योजना के अन्तर्गत पात्रता साबित हो जाने के बाद लाभार्थी को तीन किस्तों में 2.50 लाख रुपये की मदद केन्द्र सरकार के द्वारा मिलती है। इस योजना में शहर और गांव देहात के गरीब परिवारों को उनके सपनों का आशियाना मिल रहा है। अभी तक गुरबत के कारण कच्चे मकान और छप्पर की छत के नीचे जीवन बसर करने वाले गरीबों को पीएम आवास योजना ने बेहतर भविष्य देने का काम किया है। यह योजना शहरी और ग्रामीण दो श्रेणियों में संचालित की जा रही है। नगरीय क्षेत्रों में डूडा के द्वारा इस योजना का संचालन किया जा रहा है। डूडा के परियोजना अधिकारी संदीप कुमार ने इस योजना को पारदर्शी व्यवस्था के अधीन लाने के लिए अपने कार्यालय के कायाकल्प से ही शुरूआत की है। उन्होंने अपने कार्यालय में विभागीय लिपिकों और कर्मचारियों के लिए बने बन्द कैबिनों को हटवाकर सबसे पहले ओपन स्पेस बनाया है, ताकि सभी कर्मचारियों पर सीधी नजर रखी जा सके। इसके साथ ही वह पूरे कार्यालय को सीसीटीवी कवर्ड बनाने का प्रयास कर रहे हैं। शासन से बजट की दरकार है। सीसीटीवी लगने से विभागीय स्तर पर कामकाज को और भी सुधारा जा सकेगा। संदीप कुमार की कार्यप्रणाली ऐसी है कि शासन के द्वारा उनको मुजफ्फरनगर में दोबारा पीएम आवास योजना को जन जन तक पहुंचाने की जिम्मेदारी देकर यहां डूडा परियोजना अधिकारी के रूप में तैनात किया है। वह पहले भी यहां पर तैनात रहे, लेकिन उस दौरान विभाग में दो अफसरों की तैनाती होने के कारण वह खुलकर योजना में काम नहीं कर पाये थे, इसके बाद दूसरे पीओ यहां भेजे गये, उनके कार्यकाल में यहां पर पीएम आवास योजना में धांधली चरम पर पहुंचने लगी थी। योजना को लेकर रोजमर्रा का बखेडा होने लगा। दलाल हावी हुए तो शासन की साख पर बट्टा लगने लगा था। इसके बाद शासन ने यहां पर संदीप कुमार को पुनः तैनात किया।

परियोजना अधिकारी डूडा के रूप में कार्यरत संदीप कुमार ने व्यवस्था को सुधारने के साथ उत्कृष्ट उपलब्धि हासिल की है

परियोजना अधिकारी डूडा के रूप में कार्यरत संदीप कुमार ने अपने चार माह के कार्यकाल में ही पूर्व की व्यवस्था को सुधारने के साथ उत्कृष्ट उपलब्धि हासिल की है। संदीप कुमार ने अगस्त से नवम्बर 2019 तक बीते चार माह में कुल 10434 पात्र लाभार्थियों में से 9585 पात्रों को प्रथम किस्त का पैसा रिलीज कराने में सफलता पाई है। इनमें 850 पात्रों के आवेदन को जांच के उपरांत सूडा लखनऊ में भेजा गया है। इन चार माह में उनके द्वारा शहरी क्षेत्रों में 3634 गरीबों को पीएम आवास योजना के अन्तर्गत लाभान्वित कराने का काम किया है। उन्होंने कहा कि पीएम आवास योजना गरीबों के लिए वरदान से कम नहीं है। यह पूरी तरह से निःशुल्क है और वह खुद को भाग्यशाली मानते हैं कि ईश्वर ने उनको इस विभाग में नौकरी का अवसर दिया, जिसमें प्रधानमंत्री की महत्वकांक्षी योजना में गरीबों को आवास उपलब्ध कराने का काम किया जा रहा है और कहीं ना कहीं इस पुण्य रूपी जलकल्याणकारी योजना का वह भी एक प्रमुख माध्यम बने है।


मुजफ्फरनगर में पीएम आवास योजना में फर्जी अफसर पकड़ा


पीएम आवास योजना शहरी में फर्जी जांच अधिकारी बनकर लोगों को लूटने का मामला सामने आया है। जनपद में एक बड़ा गिरोह पीएम आवास योजना शहरी का लाभ दिलाने के लिए लोगों को ठगने के लिए सक्रिय है। इस गिरोह के एक सदस्य को डूडा अधिकारी की सक्रियता के चलते पकड़ा गया है। इन गिरोह में नौ लोग शातिर ठग बनकर गरीबों को आशियाना दिलाने का झूठा ख्वाब दिखाते हुए उनको ठगने का काम कर रहे हैं। इस मामले में आरोपी के खिलाफ कोतवाली में मुकदमा भी दर्ज कराया गया है।

परियोजना अधिकारी डूडा संदीप कुमार ने बताया कि आज उनको सूचना मिली थी कि शहर में पीएम आवास योजना नगरीय के लाभार्थियों से दलाली करने के लिए कुछ युवक घूम रहे हैं। खालापार क्षेत्र में ऐसे युवक आने की जानकारी मिलने पर उन्होंने अपनी टीम को वहां पर भेजा और सतर्कता बरती गयी। ऐसे में एक दलाल पकड़ा गया है। उन्होंने बताया कि इसके लिए उन्होंने पीएम आवास योजना में ग्राउंडिंग रिपोर्टिंग का कार्य कर रही एजेंसी स्पेश कम्बाइन दिल्ली के जिला समन्वयक विशाल त्यागी को मौके पर जाकर जांच पड़ताल करने के लिए कहा था। विशाल ने बताया कि आज पीएम आवास योजना में दलाल के सक्रिय होने की सूचना मिली, वह अपनी कम्पनी के कलस्टर हैड के साथ समीक्षा में व्यस्त थे, तुरंत ही वह कलस्टर हैड उदय शंकर त्रिपाठी के साथ वहां पहुंचे। उन्होंने बताया कि इस दलाल के सक्रिय होने की सूचना कम्पनी के सर्वेयर नवीन पांचाल व विवेक वत्स के द्वारा फोन पर दी गयी थी। उन्होंने किदवईनगर में एक लाभार्थी के घर पर एक युवक को पकड़ा था, जो पीएम आवास योजना में खुद को जांच एजेंसी का अफसर बताकर लाभार्थी से मिला था और उसको नक्शा स्वीकृत होने की बात कह कर नक्शा भी दिया गया था। जिसको लेकर लाभार्थी से पैसों की डिमांड की गयी थी। युवक से पूछताछ करने पर उसने अपना नाम तसलीम पुत्र मेहरबान गांव असारा जिला बागपत बताया है। तसलीम ने यह भी बताया कि उसको राहुल नाम का एक युवक लेकर आया है, वह यहां पर कुल नौ लोगों के गिरोह में काम कर रहा है। इस सम्बंध में पीओ संदीप कुमार ने पीडी डूडा एडीएम प्रशासन अमित सिंह को भी जानकारी दी। उनके निर्देश पर युवक के खिलाफ शहर कोतवाली में तहरीर देकर एफआईआर दर्ज करायी गयी है। उसके अन्य साथियों की तलाश की जा रही है।

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