भाकियू ने कलेक्ट्रेट में लागू की धारा 288, धरना-प्रदर्शन दूसरे दिन भी जारी

मुजफ्फरनगर। स्कूली ट्रांसपोर्ट अधिनियम में बदलाव के चलते प्राइवेट स्कूल संचालकों द्वारा की गयी हड़ताल की घोषणा के बाद भारतीय किसान यूनियन कलैक्ट्रट का घेराव करते हुए आज दूसरे दिन कलेक्ट्रेट का घेराव करते हुए मांग मंजूर किये जाने तक अनिश्चित धरना-प्रदर्शन करके प्रशासन को अपनी ताकत दिखाने की पूरी कोशिश की है। बीते दिवस इस मुद्दे पर भाकियू ने अनिश्चिति कालीन धरना-प्रदर्शन की चेतावनी दी थी, इसके साथ ही प्रशासन द्वारा लागू की गयी धारा 144 के विपरीत दफ्तरों में अफसरों का प्रवेश निषेध करते हुए धारा 288 लागू करने का ऐलान करते हुए उक्त धारा जिलाधिकारी कार्यालय की दीवारों पर भी लिख दी थी। इस दौरान पुलिस एंव किसान यूनियन के पदाधिकारियों व् कार्यकर्ताओं में जमकर खींचतान भी हुई थी।


कलैक्ट्रेट में जोरदार प्रदर्शन के दौरान किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि जब तक मांगे पूरी नहीं होगी, तब धरना-प्रदर्शन चलता रहेगा। उन्होंने कहा कि स्कूल प्रशासन ने वाहनों की बढ़ा दी है, जिसका भुगतान किसानों के लिए नामुमकीन है। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि आज ग्रामीण क्षेत्र के कुछ स्कूली बच्चे और उनके अभिभावक जिलाधिकारी से मिलने आये थे और अपनी शिकायत उनके समुख रखी थी। उन्होंने आरोप लगाया कि जिलाधिकारी कार्यालय में बच्चों एवं उनके अभिभावकों के साथ अधिकारियों ने गलत व्यवहार किया है। राकेश टिकैत ने कहा कि इसके बाद हम लोग भी यहां ग्रामीण स्कूलों की समस्याएं लेकर आये थे, लेकिन प्रशासन के ढुलमुल रवैये के कारण कलेक्ट्रेट पर धरना-प्रदर्शन करने को मजबूर होना पड रहा है। उन्होंने कहा कि धरना-प्रदर्शन तब तक जारी रहेगा, जब तक हमारी मांगे नही मानी जाती है।





आज धरने पर जुटे भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने कलैक्ट्रेट पर प्रदर्शन करते हुए प्रशासन को खुली चेतावनी दी कि जब तक समस्या का निदान नहीं हो जाता, तब तक वे यहां से नहीं हटेंगे। कुछ अति उत्साही लोगों ने तो यहां तक कह डाला कि यदि भाकियू के झंडे से बात नहीं बनेगी तो डंडे का प्रयोग भी किया जायेगा। धरने को सम्बोधित करते हुए भाकियू नेताओं ने हर-हर महादेव, अल्लाह हु अकबर के नारे भी लगाये। राकेश टिकैत ने कहा कि केंद्रीय मंत्री डॉ संजीव बालियान ने शहर के कुछ स्कूल संचालकों के साथ मिलकर जो मीटिंग की है, उसमें ग्रामीण अंचलों के स्कूल प्रबन्धकों को भी बुलाना चाहिए था।




ज्ञात हो कि सिचाई विभाग के डाक बंगले पर नई स्कूल परिवहन नियमावली के संबंध में विभिन्न स्कूलों के प्रधानाचार्यों व अधिकारियों के साथ आयोजित बैठक में केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान ने कहा था कि सभी स्कूल संचालक नई स्कूल परिवहन नियमावली के हिसाब से ही वाहन चलाए। उन्होंने कहा कि जिस स्कूली वाहन के पास फिटनेस पेपर और चालक के पास वैध लाइसेंस नहीं होगा और उस वाहन से कोई दुर्घटना हो जाती है तो स्कूल पर नहीं, बल्कि वाहन स्वामी और चालक होंगे पर कार्यवाही होगी। उन्होंने यह भी कहा था कि नई नियमावली को हर हाल में जनपद में लागू कराया जाएंगा। फीस बढ़ोत्तरी की शिकायत पर सांसद एंव परिवहन विभाग के अधिकारियों ने कहा था कि वेन स्वामी पहले से जो फीस लेते चले आ रहे हैं, वे अब भी वही फीस लेंगे। उन्होंने चेतावनी भी दी थी कि बच्चों के अभिभावकों को डराकर फीस की बढ़ोतरी करेंगे तो सम्बंधित के खिलाफ भी कार्यवाही की जायेगी।

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