सरकार द्वारा बालिकाओं के लिए 'कन्या सुमंगला योजना' के रूप में की गई नई पहल : चेतन चौहान

सरकार द्वारा बालिकाओं के लिए कन्या सुमंगला योजना के रूप में की गई नई पहल : चेतन चौहान

दो बालिकाओं तक जन्म से 6 श्रेणियों में मिलेगी अलग अलग एक मुश्त धनराशि : प्रभारी मंत्री

मुजफ्फरनगर प्रभारी मंत्री चेतन चौहान ने कहा कि समाज में प्रचलित कुरीतियां एवं भेद-भाव जैसेः कन्या भ्रूण हत्या, असमान लिंगानुपात, बाल विवाह एवं बालिकाओं के प्रति परिवार की नकारात्मक सोच जैसी प्रतिकूलताओं के कारण प्रायः बालिकायें/महिलायें अपने जीवन, संरक्षण, स्वास्थ एवं शिक्षा जैसे मौलिक अधिकारों से वंचित रह जाती हैं। इस परिवेश के दृष्टिगत मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के रूप में नई पहल की गई है। उन्होने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा 1 अप्रैल 2019 से बालिकाओं के र्लिए महत्वकांशी योजना कन्या सुमंगल योजना प्रारम्भ की गई थी।

मा0 प्रभारी मंत्री चेतन चौहान आज जिला पंचायत सभागार मे मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के शुभारम्भ पर पात्र लाभार्थियों को प्रमाणपत्रों का वितरण कर रहे थे।

प्रभारी मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा बालिकाओं एवं महिलाओं को सामाजिक सुरक्षा के साथ-साथ विकास हेतु नये अवसर प्रदान करने के लिए यह योजना प्रारम्भ की गई है। इस योजना के क्रियान्वयन से 'बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ' की अवधारणा सुदृढ़ होगी तथा महिलाओं के सशक्तिकरण को भी बल मिलेगा। उन्होने कहा कि कन्या सुमंगला योजना के मुख्य उद्देश्यों में प्रदेश में स्वास्थ्य एवं शिक्षा की स्थिति को सुदृढ़ करना, प्रदेश में कन्या भ्रूण हत्या को समाप्त करना, प्रदेश में समान लिंगानुपात स्थापित करना, बाल-विवाह की कुप्रथा को रोकना,नवजात कन्या के परिवार को आर्थिक सहायता प्रदान करना तथा बालिका के जन्म के प्रति आमजन में सकारात्मक सोच विकसित करना व उनके उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला रखना है। उनहोने बताया कि कन्या सुमंगल योजना में लाभ लेने के लिए 6 श्रेणिया निर्धारित की गई है। उन्होने बताया कि प्रथम श्रेणी में बालिका के जन्म पर 2 हजार रूपये एक मुश्त दिये जायेगे, द्वितीय श्रेणी में बालिका के एक वर्ष तक के पूर्ण टीकाकरण के उपरान्त 1 हजार रूपये एक मुश्त दिये जायेगे, तृतीय श्रेणी में कक्षा प्रथम में बालिका के प्रवेश के उपरान्त 2 हजार रूपये एक मुश्त दिये जायेगे, चतुर्थ श्रेणी में कक्षा 6 में बालिका के प्रवेश के उपरान्त 2 हजार रूपये एक मुश्त दिये जायेगे, पंचम श्रेणी में कक्षा 9 में बालिका के प्रवेश के उपरान्त 3 हजार रूपये एक मुश्त दिये जायेगे तथा छठी श्रेणी के अन्तर्गत ऐसी बालिकाये जिन्होने कक्षा 12 उत्तीर्ण करके स्नातक अथवा 2 वर्षीय या अधिक अवधि के डिप्लोमा कोर्स में प्रवेश लिया हो उनकेा 5 हजार रूपये एक मुश्त दिये जायेगे।

इस अवसर पर उपस्थित जनसमूह को मा0 मुख्यमंत्री का लाईव कार्यक्रम भी दिखाया गया इसके पश्चात मा0 मंत्री द्वारा योजना की 6 श्रेणियों 32 लाभार्थियों को प्रमाणपत्रों का भी वितरण किया गया तथा इस योजना से जुडे विभागों के अधिकारियों को प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।

जिलाधिकारी सेल्वा कुमारी जे ने योजना की जानकारी देते हुए कहा कि जनपद में लगभग 9 हजार फार्म भरवाये जा चुके है तथा 4771 आवेदन पूर्ण कर वेबसाइट पर अपलोड करा दिये गये है। उन्होने बताया कि पात्र लाभार्थी को योजना के अन्तर्गत देय धनराशि पीएफएमएस के माध्यम से उसके बैंक खातें में हस्तांतरित की गई है। उन्होने बताया कि लाभार्थी के अवयस्क होने की दशा में धनराशि लाभार्थी की माता के बैक खाते मे हस्तांतरित की जायेगी। माता पिता दोनो की मृत्यु होने की दशा में अभिवावक के खातें में हस्तांतरित की जायेगी। माता पिता की मृत्यु की दशा में मृत्यु प्रमाण पत्र सलग्न करना अनिवार्य होगा। उन्होने बताया कि आवेदन ऑनलाईन व आफलाईन दोनों प्रकार से स्वीकार किये जायेगे। उन्होने बताया कि आवेदक अपने फार्म बीडीओ, एसडीएम, जिला प्रोबेशन अधिकारी कार्यालय में जमा कर सकते है। आवेदन पत्र का प्रारूप विभागीय वेबसाईट पर उलब्ध होगा।

जिलाधिकारी ने बताया कि कन्या सुमगल येाजना के अन्तर्गत लाभार्थी की पात्रता के लिए लाभार्थी का परिवार उत्तर प्रदेश का निवासी हो तथा उसके पास स्थायी निवास प्रमाण पत्र हो जिसमें राशन कार्ड, आधार कार्ड, वोटर पहचान पत्र, विधुत व टेलीफोन बिल मान्य होगा। लाभार्थी की पारिवारिक वार्षिक आय अधिकतम 3 लाख रूपये हो, किसी परिवार की अधिकतम दो ही बच्चियों को योजना का लाभ मिल सकेगा। लाभार्थी के परिवार का आकार परिवार में अधिकतम दो ही बच्चे होै किसी महिला को द्वितीय प्रसव से जुडवा बच्चे होने पर तीसरी संतान के रूप मे लडकी को भी लाभ अनुमन्य होगा। यदि किसी महिला को पहले प्रसव से बालिका है व द्वितीय प्रसव से दो जुडवा बालिकाए ही होती है तो केवल ऐसी अवस्था में ही तीनों बालिकाओं का लाभ अनुमन्य होगा। उन्होने बताया कि यदि किसी परिवार ने अनाथ बालिकाओं का गोद लिया है तो परिवार की जैविक संतानों तथा विधिक रूप से गोद ली गई संतानों को सम्मिलित करते हुए अधिकतम दो बालिकाओं का इस योजना का लाभ मिल सकेगा। बालिका स्वयं (यदि वयस्क हो), माता/पिता या अभिभावक, आवेदक हो सकते हैं।


इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष आचंल तोमर, केन्द्रीय राज्य मंत्री डा संजीव बालियान की धर्मपत्नी सुनीता बालियान, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अभिषेक यादव, भाजपा जिलाध्यक्ष सुधीर सैनी, समाजसेवी बीना शर्मा, जिला प्रोबेशन अधिकारी मौ0 मुश्फेकीन,सहित अन्य जिलास्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।

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