याद आएगी आपकी - सरल शब्दों में हास्य पैदा करने वाले राजू

याद आएगी आपकी - सरल शब्दों में हास्य पैदा करने वाले राजू

लखनऊ। दौड़-भाग की दुनिया में लोग हंसना भूल गये लेकिन गजोधर भैया जैसे लोग मिल जाएं तो मजाल क्या कि आप अपनी हंसी को रोक सकें। गजोधर भैया अर्थात राजू श्रीवास्तव अभी कुछ दिनों पहले हृदयाघात से पीड़ित हुए थे। सुनकर सभी को व्यथा हुई थी बाद में वह स्वस्थ हो गये, लोगों ने दुआएं भी की थीं लेकिन ऊपर वाला भी कभी-कभी बड़ा झटका देता है। सिर्फ 58 साल की उम्र में 21 सितम्बर 22 को गजोधर भैया ने हमेशा के लिए आंखें बंद कर लीं, उनके चाहने वाले रोने लगे लेकिन उनको ठहाका लगाकर हंसाने वाले पर कोई असर नहीं पड़ा। निश्चिल, नश्वर शरीर भर कह रहा था कि मेरा तो हंसाने का कोटा पूरा...। सरल शब्दों में हास्य पैदा करने वाले राजू श्रीवास्तव पूंछेगे क्यों भाई 'सरकार कहती है राष्ट्र भक्त बनिए, हम श्रीवास्तव लोग क्या राष्ट्र भक्त नहीं हैं सिर्फ बनिये ही हैं...।

राजू श्रीवास्तव ने तमाम किरदारों को शोहरत बख्शी। गजोधर के बारे में सब जानते ही हैं लेकिन, उनके अंदर उससे बड़ी खूबी थी निर्जीव वस्तुओं के आसपास कुदरती माहौल गढ़कर उनसे भी हास्य पैदा कर देने की। बरात में लोगों के खाना खाते समय खाने की प्लेट में चावल, नान, दाल और दूसरी चीजों के आपस में बातें करने वाला उनका एक्ट लोगों के बीच लंबे समय तक चर्चा में रहा। राजू का एक टीवी न्यूज रिपोर्टर का इंटरव्यू उस व्यक्ति से जो अपनी तरफ बम फेंके जाने के बाद भी जीवित बच गया। उसकी वह जो एक लाइन है, 'मैं बम हूं, मैं फटूं?' उसे कहने का उनका अंदाज राजू का ही था।

राजू श्रीवास्तव अपने पूरे करियर में अमिताभ बच्चन से खासे प्रभावित रहे। उन्हें शायद ये लगता भी था वह मिस्टर बच्चन जैसे दिखते भी हैं। राजू ने उनकी हेयरस्टाइल से लेकर उनके बोलने, बतियाने और चलने फिरने का ढंग तक अपनी शख्सियत में अपना लिया था। मंच पर राजू का आना अपने आप में एक अविस्मरणीय क्षण होता था। लोग कुछ देर के लिए भूल जाते थे कि वह कोई शो देख रहे हैं, दर्शकों को लगता था कि ये सब उनके अपने घर में, अपने ड्राइंग रूम में हो रहा है। उनका नाता सीधे असली भारत से था और वह इस देश की नब्ज को गुदगुदाने का हुनर जान गए थे। राजू श्रीवास्तव का असली नाम सत्य प्रकाश श्रीवास्तव था वह कानपुर से बंबई (अब मुंबई) आए राजू श्रीवास्तव को आगे बढ़ाने में उन दिनों के कॉमेडी के सुपरस्टार जॉनी लीवर ने बहुत मदद की। राजू ने भी लोगों के चेहरे पर मुस्कान लाने का ये बड़ा काम आगे बढ़ाया और बहुत नाम कमाया।

राजू श्रीवास्तव हास्य की दुनिया में जनता का दुख दर्द लेकर आए। वह कॉमेडी में ताजा हवा के झोंके की तरह थे। देश के दिल को उन्होंने कॉमेडी का मंच दिया। तब तक लोगों को इस बात का इल्म भी नहीं था कि किसी के चलने फिरने, बोलने बतियाने के ढंग को भी हास्य में तब्दील किया जा सकता है। ऐसे मशहूर कॉमेडियन राजू श्रीवास्तव का 58 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वह पिछले करीब डेढ़ महीने से अस्पताल में भर्ती थे। लोकप्रिय हास्य कलाकार और अभिनेता राजू श्रीवास्तव लंबे समय से जीवन रक्षक प्रणाली (वेंटिलेटर) पर थे। श्रीवास्तव को 10 अगस्त को दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में भर्ती करवाया गया था और उसी दिन उनकी एंजियोप्लास्टी हुई थी। राजू श्रीवास्तव के निधन के खबर से इंडस्ट्री में सन्नाटा पसर गया है। राजू श्रीवास्तव ने हार्ट अटैक आने से कुछ घंटे पहले एक वीडियो शेयर किया था। यह वीडियो उनके फैन्स को खूब इमोशनल कर रहा है। इस वीडियो में भी राजू श्रीवास्तव के कॉमिक अंदाज को बखूबी देखा जा सकता है। इस वीडियो में राजू श्रीवास्तव हमेशा की तरह अपना कॉमिक अंदाज से फैंस को ठहाके लगाने पर मजबूर कर रहे हैं। इस वीडियो में आप देख सकते हैं कि राजू श्रीवास्तव ने बेहद शानदार और मजाकिया ढंग से अपने जमाने के लेजेंडरी एक्टर शशि कपूर के अंदाज में सुनाया। वीडियो की शुरुआत में राजू श्रीवास्तव कहते हुए सुनाई दे रहे हैं कि हर एक के मोबाइल में कोरोना का संदेश अमिताभ बच्चन की आवाज में आता था, लेकिन अगर यही संदेश शशि कपूर की आवाज और अंदाज में होता तो कैसा होता। वीडियो में शशि कपूर के ही अंदाज में राजू श्रीवास्तव ने कोरोना का पूरा संदेश कह कर सुनाया। राजू श्रीवास्तव 1980 के दशक के अंत से मनोरंजन जगत में सक्रिय रहे। उन्हें 2005 में स्टैंड-अप कॉमेडी शो द ग्रेट इंडियन लाफ्टर चौलेंज के पहले सीजन में भाग लेने के बाद काफी लोकप्रियता मिली थी। उन्होंने 'मैंने प्यार किया, 'बाजीगर', 'बॉम्बे टू गोवा' (रीमेक) और 'आमदनी अठन्नी खर्चा रुपैया जैसी फिल्मों में अभिनय किया था। राजू श्रीवास्तव उत्तर प्रदेश फिल्म विकास परिषद के अध्यक्ष भी थे।

उनके निधन से बॉलीवुड सेलेब्स, राजनेता और उनके फैंस सभी बेहद दुखी हैं। सोशल मीडिया पर हर कोई उनके लिए अपने प्यार का इजहार कर रहा है और उनके चले जाने के दुख को बयां कर रहा है

राजू श्रीवास्तव के लिए कानपुर से मुंबई आकर कॉमेडी किंग बनने का सफर आसान नहीं था। इस मुकाम को हासिल करने के लिए राजू श्रीवास्तव ने कड़ी मेहनत की। बचपन से ही राजू श्रीवास्तव मासूमियत भरे अंदाज में कॉमेडी किया करते थे। उन्हें कॉमेडी करना पसंद था लेकिन परिवार वालों को उनका यह शौक टेंशन दिया करता था। ढेर सारे तानों, मुश्किलों और कठिन रास्तों को पार करते हुए राजू श्रीवास्तव कॉमेडी की दुनिया के बेताज बादशाह बने राजू श्रीवास्तव ने अपने करियर की शुरुआत टेलिविजन से की थी। राजू श्रीवास्तव शो टी टाइम मनोरंजन में नजर आते थे। उनके साथ इस शो में सुरेश मेनन और बृजेश हरजी भी थे। हालांकि राजू श्रीवास्तव को पापुलैरिटी द ग्रेट इंडियन लाफ्टर चौलेंज शो से मिली। इस शो के जरिए राजू ने गजोधर भैया बनकर लाखों करोड़ों फैंस का दिल जीत लिया। राजू श्रीवास्तव शो के विनर नहीं बन पाए लेकिन उन्होंने शो के जरिए अपनी एक अलग पहचान बनाई। इस शो के बाद राजू श्रीवास्तव घर-घर में मशहूर हो गए और फिर उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। अब उनकी स्मृतियां हंसाएंगी नहीं बल्कि रुलाएंगी। (हिफी) (अशोक त्रिपाठी-हिन्दुस्तान फीचर सेवा)

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