किस्मत कहें या इत्तेफाक- एक ही बैच के पति-पत्नी बने कलेक्टर

किस्मत कहें या इत्तेफाक- एक ही बैच के पति-पत्नी बने कलेक्टर

लखनऊ। केरल की स्टेट शूटिंग चेंपियनशिप में खेलकर तीन गोल्ड़ मेडल जीतने के साथ केरल स्टेट का रिकॉर्ड ब्रेक भी उन्होंने किया। केरल कैडर के आईएएस पिता से प्रेरणा लेकर आईएएस अफसर बन गयी। इस आईएएस अफसर के पति भी एक आईएएस अफसर है, यह भी एक इत्तेफाक है कि दोनो पति-पत्नी उत्तर प्रदेश कैडर और 2014 बैच के आईएएस अफसर हैं। मसूरी से लेकर उन्नाव तक और हापुड जिलाधिकारी बनने से पहले जनपद मेरठ में सफर एक साथ रहा। शासन ने आईएएस अफसर अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी ग्रेटर नोएडा से तबादला करते हुए उन्हें कासगंज जिले का कलेक्टर बनाया है। जी हां हम बात कर रहे हैं आईएएस मेधा रूपम की। किस्मत कहें या इत्तेफाक। आईएएस मेधा रूपम और उनके पति आईएएस मनीष बंसल एक ही बैच के अधिकारी हैं और उत्तर प्रदेश के जिले में जिलाधिकारी हैं। साल 2014 बैच के आईएएस अफसर पति मनीष बंसल और पत्नि मेधा रूप पर पेश है खोजी न्यूज की खास रिपोर्ट...

मेधा रूपम ने उत्तर प्रदेश के आगरा जनपद में ज्ञानेश गुप्ता के परिवार में 21 अक्टूबर को जन्म लिया था। ज्ञानेश गुप्ता आईएएस अफसर है। मेधा रूपम की छोटी बहन का नाम अभिश्री है। पिता की केरल पोस्टिंग होने के कारण मेधा रूपम की पढ़ाई वहीं पर हुई। सन् 2008 में कक्षा 12वीं के पढ़ाई के दौरान मेधा रूपम ने शूटिंग में अपना हाथ आजमाना शुरू कर दिया था। 10 मीटर की एयर रायफल पीपी साइट में ट्रेनिंग ली। उसके बाद मेधा रूपम ने केरल की स्टेट शूटिंग चौपिंयनशिप में भाग लिया और तीन गोल्ड मेडल जीतने के साथ केरल स्टेट का रिकॉर्ड ब्रेक किया। उसके बाद केरल से मेधा रूपम स्नातक की पढ़ाई के लिये देश की राजधानी दिल्ली आ गयी थी। उन्होंने विश्वविद्यालय स्तरीय प्रतियोगिताओं में भाग लेने के साथ 2009 में नेशनल चौंपियनशिप में प्रतिभाग किया। उसके बाद मेधा रूपम ने सिविल सर्विस की तैयारी की वजह से शूटिंग को छोड़ दिया था। मेधा रूपम सिविल सर्विस की परीक्षा को पास कर 2014 बैच की आईएएस अफसर बन गयी। मेधा रूपम ने आईएएस अफसर बनने की प्रेरणा अपने पिता से ही ली थी।


मेधा रूपम की मसूरी में 4 जून 2015 तक ट्रेनिंग हुई। मसूरी से मेधा रूपम को शासन ने बरेली में सहायक मजिस्ट्रेट बनाकर भेजा। बरेली से मेधा रूपम का 23 अक्टूबर 2016 को तबादला होकर जनपद मेरठ में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट के पद तैनात किया गया। मेरठ के ज्वाइंट मजिस्ट्रेट के पद पर रहते हुए बागपत के जौहड़ी में हुई शूटिंग चौंपियनशिप में मेधा रूपम ने स्वर्ण पदक जीतकर अपने पुराने हाथ दिखाए थे। मेरठ से जनपद उन्नाव में भी आईएएस मेधा रूपम ज्वाइंट मजिस्ट्रेट के पद ही तैनात रही। आईएएस मेधा रूपम लखनऊ में यू.पी.ए.ए.एम का ज्वाइंट डायरेक्टर के पद कार्यरत रही। 17 नवम्बर 2018 को यू.पी.ए.ए.एम का ज्वाइंट डायरेक्टर के साथ-साथ महिला कल्याण विभाग का विशेष सचिव बनाया गया। शासन ने आईएएस मेधा रूपम का 12 फरवरी 2019 को लखनऊ से ट्रांसफर कर जनपद बाराबंकी के मुख्य विकास अधिकारी के पद पर तैनात किया था। शासन ने आईएएस मेधा रूपम को मेरठ के अपर नगर आयुक्त के पद पर तैनात किया था और इसके बाद हापुड जिलाधिकारी बनाया था। वर्तमान में आईएएस मेधा रूपम अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी ग्रेटर नोएडा का कार्यभार संभाले हुए थी, जिनका शासन ने तबादला करते हुए कासगंज कलेक्टर बनाया है।

डीएम मेघा रूपम के संगीत प्रेमी पति भी हैं आईएएस अधिकारी

आईएएस अफसर मेधा रूपम में के पति मनीष बसंल भी 2014 बैच के ही आईएएस अफसर है। आईएएस मेधा रूपम और उनके पति आईएएस अफसर मनीष बसंल संगीत प्रेमी हैं। मनीष बसंल का जन्म पंजाब में 14 जनवरी 1990 को हुआ था। उनकी प्रांरभिक शिक्षा पंजाब में ही हुई। आईएएस मनीष एमटेक किया हुआ है। आईएएस मनीष बंसल की ट्रेनिंग मसूरी में 1 सितम्बर 2014 से 4 जून 2015 तक हुई। उसके बाद बरेली में सहायक मजिस्ट्रेट के पद तैनात हुए। आईएएस मनीष बसंल का बरेली से तबादला होकर मेरठ में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट के पद कार्यरत रहे। उसके बाद आईएएस मनीष बसंल को उन्नाव का ज्वाइंट मजिस्ट्रेट बनाया गया। आईएएस मनीष बंसल को 14 अप्रैल 2018 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में मुख्य विकास अधिकारी के पद पर कार्यरत किया गया था। इसके बाद आईएएस मनीष बंसल को जनपद मेरठ में नगर आयुक्त बनाया था। हाल ही में आईएएस अधिकारी मनीष बंसल संभल जिलाधिकारी के तौर पर वर्क कर रहे थे, जिनका शासन ने ट्रांसफर करते हुए सहारनपुर जिले का जिलाधिकारी बनाया है।

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