जमियत उलेमा-ए- हिन्द ने नागरिकता संशोधन बिल के खिलाफ राष्ट्रपति के नाम डीएम को ज्ञापन सौंपा

मुजफ्फरनगर जमियत उलेमा-ए- हिन्द के देशव्यापी नागरिकता संशोधन बिल के विरोध मे आज जमीयत उलेमा ज़िला मुज़फ्फरनगर के तत्वाधान मे ज़िले के प्रमुख सामजिक संगठनो ने प्रदर्शन करके विरोध जताया,और राष्ट्रपति के नाम जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंप इस काले क़ानून को वापस लेने की मांग की।

हाफ़िज़ फुरकान असअदी ने कहा

हाफ़िज़ फुरकान असअदी ने कहा कि हम जमीयत उलमा-ए-हिंद के सदस्य और अन्य सामजिक संगठनो के ज़िम्मेदार लोग सांप्रदायिक रूप से प्रेरित नागरिकता संशोधन विधेयक 2019 की निंदा करते हैं। यह भारतीय नागरिकता का निर्धारण करने के लिए कानूनी मानदंड के रूप में धर्म का उपयोग करता है।

पूर्व सांसद हरेंद्र मलिक ने कहा

पूर्व सांसद हरेंद्र मलिक ने कहा नागरिकता संशोधन बिल का उद्देश्य समाज मे धर्म के आधार पर भेदभाव और विभाजन को स्पष्ट करना प्रतीत होता है। यह देश और समाज के बहुलवादी ताने-बाने का उल्लंघन करता है।

वरिष्ठ समाजसेवी अजमल राही ने कहा

अजमल राही ने कहा कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14 और 15व 21 सरकार को देश के "किसी भी नागरिक को धर्म, जाति और पंथ के आधार पर भेदभाव से इनकार करने से प्रतिबंधित किया गया है। संसद के दोनों सदनों द्वारा पारित नागरिकता विधेयक संविधान की भावना और इसकी मूल संरचना का उल्लंघन करता है।

ज़िला सचिव ने कहा कि यह बिल असम समझौते 1985 का भी उल्लंघन करता है जो असम में विदेशियों का पता लगाने के लिए कट-ऑफ तारीख के रूप में 25.03.1971 तय करता है। इस तरह के मनमाने ढंग से इस समझौते से उत्तरी पूर्वी क्षेत्रों में शांतिपूर्ण माहौल में खलल पड़ेगा ।

पैग़ाम-ए-इंसानियत के अध्यक्ष आसिफ राही ने कहा

पैग़ाम-ए-इंसानियत के अध्यक्ष आसिफ राही ने कहा कि हम भारत के महामहिम राष्ट्रपति से अपील करते हैं कि वे अपनी विशेष शक्तियों का उपयोग करते हुये इस विभाजनकारी कानून को वापस करने का कष्ट करें

इस बिल के विरोध में शाहपुर,चरथावल,तहसील बुढाना,तहसील जानसठ समेत शहर विभिन जगहों पर प्रदर्शन हुए ,

आज के इस प्रदर्शन में में जहां मुस्लिम संगठनों के लोग शामिल थे तो दूसरी तरफ सामाजिक लोगों ने भाग लिया।

इस अवसर पर ,पुर्व सांसद हरेंद्र मलिक,रालोद नेता अभिषेक चौधरी, मुफ़्ती बिन यामीन,मौलना जमालुद्दीन क़ासमी,हाफ़िज़ फुरकान असअदी,मौलना मूसा क़ासमी,अजमल उर रहमान,पैगाम ए इंसानियत के सदर हाजी आसिफ राही,गौहर सिद्दीकी,असद फ़ारूक़ी,शादाब खान,असद पाशा,अमीर आज़म खान एडवोकेट,महबूब आलम एडवोकेट,मौलना ख़ालिद ज़ाहिद,बार संघ के अध्यक्ष नसीर हैदर ज़ैदी,मुहमम्द सादिक़ आदि मौजूद रहे।

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