Citizenship Amendment Act के सिलसिले में पम्फलेट के जरिए से व्यापक प्रचार-प्रसार निरन्तर जारी

मुजफ्फरनगर । निदेशक सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग उप्र लखनऊ के आदेश के क्रम में नागरिकता संशोधन अधिनियम को लेकर आम जन मानस में व्याप्त भ्रांतियों व आशंकाओं को दूर करने के उद्देश्य से नागरिकता संशोधन अधिनियम की तथ्यात्मक वास्तविकता के व्यापक प्रचार-प्रसार हेतु जनपद स्तर पर पम्फलेट/लीफलेट प्रकाशित कराकर अंसारी रोड, रेलवे स्टेशन, बस अड्डा, प्रकाश चौक, महावीर चौक, आर्य समाज रोड आदि स्थानों पर नागरिकता संशोधन अधिनियम-2019 के पम्फलेट/लीफलेट बांटकर जानकारी दी गयी। ताकि अधिक से अधिक जन मानस के मध्य नागरिकता संशोधन अधिनियम को लेकर व्याप्त भ्रांतियों व आशंकाओं को दूर किया जा सके।





निदेशक सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग उ0प्र0 लखनऊ शिशिर के निर्देशों के क्रम में सूचना विभाग द्वारा पम्फलेट के प्रकाशन के उपरान्त प्रमुख स्थानों पर वितरित कर वृहद प्रचार-प्रसार करते हुए नागरिकता संशोधन अधिनियम-2019 के संबंध में लोगो को बतलाया गया कि यह कानून सिर्फ नागरिकता देने के लिए है। किसी की नागरिकता छीनने का अधिकार इस कानून में नहीं है।





भारत के अल्पसंख्यकों विशेषकर मुसलमानों का नागरिकता संशोधन अधिनियम से कोई अहित नहीं है। नागरिकता संशोधन अधिनियम से देश के नागरिकों की नागरिकता पर कोई प्रभाव नहीं पडेगा। यह कानून किसी भी भारतीय हिन्दू, मुसलमान आदि को प्रभावित नहीं करेगा। इस अधिनियम के तहत पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश में धार्मिक उत्पीडन के कारण वंहा से आए हिन्दू, ईसाई, सिख, पारसी, जैन और बौद्ध धर्म को मानने वाले शरणार्थियों को भारत की नागरिकता दी जाएगी, जो 31 दिसम्बर, 2014 से पूर्व ही भारत में रह रहे हों तथा जो केवल इन तीन देशों से धर्म के आधार पर प्रताड़ित किए गए हों।

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