खतौली के मेला छडियान में टेंडर प्रक्रिया न अपनाने पर रोष

खतौली के मेला छडियान में टेंडर प्रक्रिया न अपनाने पर रोष

खतौली। कस्बे में मेला छडियान में अप्पूघर समेत अन्य मनोरंजन के साधनों की टेण्डर प्रक्रिया के न अपनाये जाने के कारण ठेकेदारों में रोष है। उन्होंने आरोप लगाया है कि नगरपालिका प्रशासन मिली भगत करके गत वर्ष के ठेकेदार को ही अप्पूघर का ठेका कम दरों में दे रहा है, जबकि यह ठेका इससे भी अधिक दरों पर लेने के लिए ठेकेदारों की लाईन लगी है। पूरे मामले से जिलाधिकारी को अवगत कराते हुए कहा गया है कि यदि टेण्डर प्रक्रिया अपनाई जाए तो पालिका को अधिक राजस्व की प्राप्ति हो सकती है।



ज्ञात हो कि नगर पालिका की कार्यशैली गत कई वर्षो से विवादों में है। पालिका प्रशासन द्वारा कस्बे में विकास कार्य कराया जाए या सफाई अभियान चलाये, सभी में कुछ न कुछ त्रुटि अवश्य रह जाती है। यही कारण है कि पालिका के सभासद समेत नगर के गणमान्य व्यक्ति पालिका के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद कर खड़े रहते है। फिलहाल मेला छड़ियान के लिए ठेका छोड़ने को लेकर पालिका प्रशासन फिर से आरोपों के घेरे में आ गई है।



जानकारों की मानें तो इस बार पालिका ने विभिन्न प्रकार के ठेका छोड़ने से पहले टेण्डर या कुटेशन प्रक्रिया नही अपनाई है। आरोप है कि पालिका प्रशासन ने साठ-गांठ करके अपने चहेतों को मेले में दुकानें तथा अप्पूघर का ठेका कम दरों पर दे दिया है। शिकायतकर्ताओं ने जिलाधिकारी को पत्र देकर मेला छड़ियान में छोड़े गए अप्पूघर के ठेके की जांच कराने तथा अप्पूघर का ठेका टेण्डर प्रक्रिया के अंतर्गत छोड़े जाने की मांग की है।


रिपोर्ट ~सचिन गुप्ता

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