अदालत की ट्रंप को लताड़- टैरिफ लगाने का नहीं है अधिकार
अदालत ने डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ को अवैध करार दिया है।
नई दिल्ली। टैरिफ को एक बड़े हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रहे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को अदालत ने फटकार लगाते हुए कहा है की ट्रंप ने इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनामिक पावर एक्ट के तहत निर्धारित अपनी सीमाओं का अतिक्रमण किया है। अदालत ने डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ को अवैध करार दिया है।
अमेरिका की एक संघीय अपील अदालत ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को तारीफ के मामले को लेकर कड़ी फटकार लगाई है अदालत ने डोनाल्ड ट्रंप द्वारा आपातकालीन शक्तियों के तहत लगाए गए अधिकांश तारीफ को अवैध करार दिया है कोर्ट की ओर से दिए गए इस फैसले को अब डोनाल्ड ट्रंप की व्यापार नीति पर सीधा प्रहार माना जा रहा है और अब टैरिफ मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में कानूनी लड़ाई होने की संभावनाएं बलवती हो गई है।
अमेरिका के वाशिंगटन डीसी स्थित उस कोर्ट का अपील्स फॉर थे फेडरल सर्किट के फैसले में कहां है की कानून राष्ट्रपति को राष्ट्रीय आपातकाल की स्थिति में कई कदम उठाने की परमिशन देता है लेकिन इनमें तारीफ या शुल्क लगाने का स्पष्ट अधिकार शामिल नहीं है और ना ही राष्ट्रपति को कर लगाने का अधिकार है अदालत ने कहा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अंतरराष्ट्रीय आपातकाल इकोनॉमिक्स पावर एक्ट के तहत अपनी सीमाओं का अतिक्रमण किया है 1977 का यह कानून पारंपरिक रूप से प्रतिबंधों और संपत्ति जब्ती के लिए इस्तेमाल होता रहा है।