भारी न पड़ जाए लापरवाही-झरने के नीचे सैकड़ों लोग-मास्क किसी पर नहीं
कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर का सामना कर चुके लोगों में डेल्टा प्लस की आहट का तनिक सा भी खौफ दिखाई नहीं दे रहा है।
नई दिल्ली। कोरोना वायरस के संक्रमण की पहली और दूसरी लहर का सामना कर चुके लोगों में डेल्टा प्लस की आहट का तनिक सा भी खौफ दिखाई नहीं दे रहा है। लापरवाह हुए सोशल डिस्टेंसिंग को तार-तार करते हुए बिना मास्क लगाए अपने काम धंधे निपटा रहे हैं। मशहूर पर्यटन स्थल इस समय सैलानियों से भरा पड़ा है। कोरोना प्रतिबंधों में ढील मिलने के बाद पहाड़ी इलाकों में छुट्टियां मनाने पहुंचे लोग कोरोना के प्रति पूरी तरह से लापरवाह बने हुए हैं। छोटी छोटी बातों को लेकर धार्मिक गतिविधियों को रोक देने वाली सरकार कमाई बढा रहे लापरवाह लोगों की तरफ ध्यान नही दे रही है। लोगों के ऐसे ढेरों वीडियो वायरल हो रहे हैं जिसमें लोग भारी मात्रा में बिना मास्क लगाए और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किए बिना सैर सपाटा करते दिखाई दे रहे हैं।
उत्तराखंड का मशहूर पर्यटन स्थल मंसूरी मौजूदा समय में सैलानियों से भरा हुआ पड़ा है। कोरोना प्रतिबंधों में ढील मिलने के बाद से लगातार पहाड़ी इलाकों में लोग छुट्टियां मनाने के लिए पहुंच रहे हैं। पहाड़ी इलाकों में लगभग सभी होटल सैलानियों से फुल हो चुके हैं। उत्तराखंड की सडकों पर गाड़ियों की लंबी कतारें इस बात का सबूत है कि लोगों में कोरोना के प्रति जरा सा भी भय नहीं है। मैदानी इलाकों में पड़ रही गर्मी से राहत पाने के लिए लोग पहाड़ी इलाकों का रुख कर रहे हैं। लेकिन वहां जाकर कोरोना वायरस के संक्रमण की पहली और दूसरी लहर को अपनी आंखों से देख चुके लोग संक्रमण कम होते ही कोरोना को पूरी तरह से भूल गए हैं।
हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है जो उत्तराखंड के मशहूर पर्यटन स्थल मंसूरी का बताया जा रहा है। इस वीडियो में भारी संख्या में लोग एक झरने के नीचे नहाते हुए दिखाई दे रहे हैं। लेकिन लोगों की इस भीड़ को कोरोना का जरा सा भी डर दिखाई नहीं दे रहा है। भीड़ में मौजूद किसी एक व्यक्ति ने भी मास्क नहीं पहना है। इन्फो बग नाम के ट्विटर यूजर ने एक वीडियो पोस्ट किया है, जिसे कई बार शेयर किया जा चुका है। कई लोग इस वीडियो पर कमेंट करके झरने के नीचे बेपरवाह होकर नहा रहे लोगों को महामुर्ख कह रहे हैं। मसूरी में कुलदीप बाजार और माल रोड जैसे स्थानों पर अक्सर भीड़ रहती है। पर्यटकों की संख्या में हुई वृद्धि के कारण नैनीताल में भी कुछ इस प्रकार की ही स्थिति देखी गई है। उत्तराखंड के अलावा हिमाचल प्रदेश में भी 500000 से अधिक पर्यटक पहुंचे हैं।