उत्तर प्रदेश में कांग्रेस धरना प्रदर्शन की जगह अब संगठन पर ध्यान देगी

कांग्रेस कमैटी अब घेराबंदी करने के लिए धरना प्रदर्शन करने के बजाय अब अपना संगठन मजबूत करने पर ध्यान देगी

Update: 2020-11-23 08:03 GMT

लखनऊ। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमैटी अब राज्य की योगी आदित्यनाथ की सरकार की घेराबंदी करने के लिए धरना प्रदर्शन करने के बजाय अब अपना संगठन मजबूत करने पर ध्यान देगी।  

प्रदेश की सात विधानसभा की सात सीटों पर हाल ही में हुए उपचुनाव में एक भी सीट नहीं जीत पाने वाली कांग्रेस के दो जगहों पर प्रत्याशी दूसरे स्थान पर रहे थे । पार्टी छह सीट पर ही चुनाव लड़ पाई थी क्योंकि टुंडला सीट पर कांग्रेस प्रत्याशी का पर्चा खारिज हो गया था । कांग्रेस इसे खराब प्रदर्शन नहीं मान रही है ।

पार्टी महासचिव और उत्तर प्रदेश के मामले की प्रभारी प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि कांग्रेस अब उत्तर प्रदेश में संगठन को मजबूत करने के लिये पूरी तरह से तैयार है। संगठन में पुराने लोगों को भी रखा जायेगा।

उप चुनाव के नतीजों की समीक्षा के बाद पार्टी ने तय किया है कि अगले दो महीने धरना-प्रदर्शन के बजाय ग्राम स्तर तक संगठन खड़ा करने पर ज्यादा ध्यान दिया जाएगा। सप्ताह भर में सभी ब्लॉक अध्यक्षों के नामों की घोषणा भी कर दी जाएगी।

पार्टी यह मानती है कि पार्टी के संघर्षों को मिले जन समर्थन को चुनाव के दौरान जीत में बदलने के लिए मजबूत संगठन का होना आवश्यक है। इसलिए अगले दो महीने धरना-प्रदर्शन से दमरी बना कर रखी जायेगी। इसके स्थान पर पूरी ताकत गांव स्तर तक संगठन को मजबूत करने में लगाई जाएगी।

इस रणनीति के तहत कांग्रेस ने पिछले दो दिनों में 48 जिलों के ब्लॉकों के अध्यक्ष तय कर दिए हैं। शेष 27 जिलों के ब्लॉक अध्यक्षों के नाम भी अगले दो-तीन दिन में जारी कर दिए जाएंगे। इसके साथ ही न्याय पंचायत स्तर पर अध्यक्ष चयन की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। उसके बाद ग्राम स्तर पर कमेटी का गठन किया जाएगा।

कांग्रेस हाईकमान ने अपने सभी प्रभारी सचिव, प्रदेश अध्यक्ष और संगठन के अन्य नेताओं को इस संबंध में जरूरी निर्देश दे दिए हैं। अगले दो महीने में ग्राम कमेटियां गठित करने की कार्यवाही पूरी कर ली जाएगी।

सत्येन्द्र ठाकुर

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