आईपीएस अभिषेक का कमाल-थाने जाकर 'तौबा' कर रहे अपराधी

आईपीएस अभिषेक का कमाल-थाने जाकर तौबा कर रहे अपराधी

मुजफ्फरनगर। जनपद में आईपीएस अभिषेक यादव के द्वारा अपराध उन्मूलन के लिए फिक्स किये गये टारगेट का ऐसा असर नजर आ रहा है कि अपराध जगत में चमकने वाले अपराधी आज मिट्टी में मिलते नजर आ रहे हैं। थानों में अपराधी गवाहों की फौज ले जाकर अपराध से 'तौबा-तौबा' कर रहे हैं। आज ऐसा ही नजारा चरथावल थाने में भी देखने को मिला। जबकि एक शातिर बदमाश ने आईपीएस अभिषेक यादव की पुलिस टीम के खौफ से अपराध छोड़ने का वादा किया।

जनपद में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के पद पर कार्यकाल के 100 दिन पूरे करने वाले आईपीएस अभिषेक यादव ने इस अल्प अवधि में जनपद के अपराध उन्मूलन में बड़ी सफलता अर्जित की है। उनके कार्यकाल में बड़े बदमाशों पर भी कार्यवाही हो रही है। पहली बार जिले में एक लाख के ईनामी रहे बदमाशों की अवैध सम्पत्ति को जब्त किया गया है। इसके साथ ही बदमाशों के गैंग को भी सूचीबद्ध करते हुए निगरानी की जा रही है। कुख्यात एक लाख के ईनामी रोहित सांडू के एनकाउंटर के बाद जनपद में बदमाशों के बीच पुलिस की ऐसी दहशत बनी है कि पूर्व में लूट और अन्य गंभीर मामलों में लिप्त रहने वाले बदमाश ने गवाहों के साथ थाने जाकर अपराध से दूर रहने की कसमें खाई और तौबा भी करने लगा।

मामला चरथावल थाने का है, यहां थानाध्यक्ष सूबे सिंह यादव ने कप्तान अभिषेक यादव के अपराध के प्रति जीरो टोलरेंस नीति पर बेहतर परिणाम के साथ काम किया है। इसका नतीजा यह है कि चरथावल क्षेत्र में वांछित बदमाशों को टारगेट करने की पुलिस की नीति से इन अपराधियों में खौफ बना हुआ है। चरथावल थानाध्यक्ष सूबे सिंह यादव ने बताया कि चरथावल क्षेत्र के साथ ही आसपास के जनपदों में लूट और चोरी के साथ ही अन्य संगीन अपराध करने के कारण विभिन्न थानों से वांछित अपराधी घोषित किये गये क्षेत्र के गांव कुल्हेडी निवासाी मौहम्मद दिलशाद उर्फ बब्बू पुत्र जमील अहमद बुधवार को क्षेत्र के कुछ लोगों के साथ थाने पहुंचे। इस अभियुक्त ने शपथ पत्र देते हुए भविष्य में अपराध ना करने की कसम खाई है। अपराधी दिलशाद ने कहा कि जनपद में चलाये जा रहे अभियान के कारण उसको पुलिस का भय बना हुआ है। अब वह अपराध का रास्ता छोड़ चुका है और समाज में एक नेकमाश व्यक्ति की भांति रहना चाहता है। दिलशाद ने अपने साथ आये लोगों और पुलिसकर्मियों के समाने ही अपराध से तौबा करते हुए जान की अमान मांगी। यह मामला गवाह है कि आज मुजफ्फरनगर में एसएसपी अभिषेक यादव का उद्देश्य पूरा हो रहा है। समाज को भयमुक्त बनाये रखने में जुटी पुलिस को खौफ अब बदमाशों में साफ नजर आता है।

Top