योगी के मिशन में यशपाल और चन्दर अड़ंगा , डिस्टलरी में कर रहे पंगा , अब कप्तान से उम्मीद

योगी के मिशन में यशपाल और चन्दर अड़ंगा , डिस्टलरी में कर रहे पंगा , अब कप्तान से उम्मीद

मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश में करीब ढाई साल का सफलतम कार्यकाल पूरा करने जा रही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार के द्वारा उद्योगों में सुरक्षा, व्यवस्था और कानून के साथ ही सरकारी स्तर पर सहयोग व समर्पण का विश्वास जगाते हुए राज्य में उद्योगों की स्थापना के लिए ऐतिहासिक स्तर पर इन्वेस्टर्स को आकर्षिकत करने और उद्योगों को शुरू करने के लिए दूसरी ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी का आयोजन करने के बाद उद्योगों से अपराध और अपराधियों की दशहत का काला साया समाप्त हो गया था लेकिन मुज़फ्फरनगर में रोहित सांडू के पुलिस कस्टडी से फरार होने के बाद मन्सूरपुर में स्थित सरशादी लाल डिस्टलरी के अफसरों में दहशत पनप गयी थी वो तो भला हो एडीजी मेरठ ज़ोन प्रशांत कुमार, एसएसपी अभिषेक यादव और एसपी सिटी सतपाल अंतिल का कि उन्होंने लग कर रोहित सांडू को साथियों सहित मार गिराया। तब फैक्ट्री कर्मियों ने चैन की सांस ली थी मगर कुछ दिन ही बीते थे कि इस फैक्ट्री को फिर संकट ने आ घेरा ।

क्यों जानिये


ताजा मामला राज्य सरकार को पश्चिमी उत्तर प्रदेश से भारी भरकम राजस्व देने वाले जनपदों में अग्रणी रहने वाले मुजफ्फरनगर का है। यहां पर पुलिस अफसर की हत्या के बाद फरार हुए एक लाख के ईनामी बदमाश कुख्यात रोहित सांडू और उसके साथियों का एनकाउंटर हो जाने के बाद भी उद्योगों में बदमाशों की दहशत कायम है। रोहित सांडू के एनकाउंटर के बाद जनपद में उद्योगों ने काफी राहत ली थी। इनमें जनपद मुजफ्फरनगर के मन्सूरपुर क्षेत्र में संचालित हो रही सरशादी लाल डिस्टलरी भी शामिल रही। यहां पर रोहित सांडू का आतंक खत्म होने के बाद अब फिर से धमकियों के चलते फैक्ट्री के अफसरों को अपनी जान की सुरक्षा के प्रति भय उत्पन्न हो रहा है। कुछ लोग इन अफसरों से रंगदारी मांगने के बाद फर्जी मुकदमों में फंसाने की साजिश कर रहे हैं। इससे फैक्ट्री के विस्तारीकरण के कार्य भी प्रभाव पड़ रहा है।



जनपद मुजफ्फरनगर के मन्सूरपुर में स्थित सरशादी लाल डिस्टलरी प्रमुख उद्योग है। इस फैक्ट्री के द्वारा प्रतिवर्ष 1600 करोड़ रुपये राजस्व के रूप में राज्य सरकार को दिये जाते हैं। राज्य में साल 2017 में जब विधानसभा चुनाव के बाद सत्ता परिवर्तन हुआ और राज्य की कमान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों में आयी तो उन्होेंने पहले ही दिन से 'गोली का जवाब गोली' का संदेश पुलिस प्रशासन को दिया और समाज में शांति स्थापना की पहल की तो इसके सकरात्मक नतीजे भी सामने आये। ऐसा नहीं है कि ये ऐसे ही लिया गया एक फैसला था, बल्कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य में औद्योगिक माहौल बनाने के लिए सबसे पहले 'गुण्डाराज' खत्म करने की पहल की। सरकार के कार्यकाल के पहले छह महीने पुलिस ने जिस प्रकार से काम करते हुए राज्य में अपराधियों पर शिंकजा कसा और लगातार क्रेक डाउन के चलते बदमाश राज्य को छोड़ने के लिए विवश हुए तो ऐसे में सबसे बड़ा लाभ उद्योगों को मिलने लगा। राज्य में बदले माहौल की चर्चा देश व दूसरे प्रदेशों के साथ वैश्विक पटलों पर होने लगी तो यहां पर औद्योगिक निवेश का माहौल भी बनकर तैयार हुआ और केन्द्र सरकार के साथ मिलकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ऐतिहासिक स्तर पर देश विदेश से निवेश जुटाया। पीएम मोदी के साथ मिलकर पहली ग्राउंड बे्रकिंग सेरेमनी का आयोजन कर राज्य में उद्योगों की स्थापना का कार्य शुरू कराया। ऐसे में उत्तर प्रदेश के साथ ही दूसरे राज्यों में उद्योग चलाने वाले सरशादी लाल गु्रप ने भी मुजफ्फरनगर के मन्सूरपुर में अपने डिस्टलरी प्लांट के विस्तारीकरण का निर्णय लेते हुए यहां पर 195 करोड़ रुपये के निवेश का खाका तैयार किया। सरशादी लाल गु्रप के द्वारा औद्योगिक विस्तारीकरण का निर्णय तो पहले कई बार लिया जा चुका था, लेकिन पिछली सरकारों में आपराधिक दहशत ज्यादा होने के कारण इस विस्तार का अमलीजामा नहीं पहनाया जा सका था। पिछली सरकारों में फैक्ट्री में जबरन ठेका, रंगदारी मांगने की कई घटनाओं ने फैक्ट्री के अफसरों को भयग्रस्त कर दिया था। मन्सूरपुर क्षेत्र में आतंक का पर्याय बने रोहित सांडू ने अपने गैंग के दूसरे बदमाशों के साथ रंगदारी मांगने के साथ ही फैक्ट्री में कई बड़े ठेके अपने नाम करने का दबाव बनाया। इसके चलते सीनियर जीएम भगत सिंह और एक अन्य महाप्रबंधक पर भी रोहित सांडू ने अपने साथियों से हमला कराया। इनमें 50 हजार के इनामी बदमाश अमित उर्फ शेरू भी शामिल रहा। इसको लेकर फैक्ट्री के अफसरों ने मन्सूरपुर थाने में एफआईआर भी दर्ज करायी, लेकिन सांडू की दहशत से फैक्ट्री के विस्तार का निर्णय सीमित कर दिया गया था। सत्ता परिवर्तन होने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दृढ संकल्प के चलते बने औद्योगिक माहौल में सरशादी लाल डिस्टलरी के नये प्लांट स्थापित करने का काम शुरू हुआ।



इसी बीच जब एसएसपी अभिषेक यादव ने रोहित सांडू और उसके साथियों का एनकाउंटर किया तो इसका सबसे बड़ा लाभ सरशादी लाल डिस्टलरी मन्सूरपुर में दिखायी दिया। फैक्ट्री से बदमाशों की दहशत खत्म हुई तो उद्योग का विस्तार भी तेजी पकड़ने लगा, लेकिन सांडू के जाने के साथ ही क्षेत्र में अन्य लोग सक्रिय हो गये। सांडू के प्रतिद्वंद्वी माने जाने वाले भूपेन्द्र सिंह राठी उर्फ चन्दर पुत्र सोहनवीर निवासी गांव सोन्टा थाना मन्सूरपुर ने अपने साथी यशपाल राठी पुत्र ओमप्रकाश पुत्र निवासी मन्सूरपुर के साथ मिलकर फैक्ट्री के अफसरों से सांडू की भांति ही उद्योग के बड़े ठेकों में अपनी पकड़ बनाने के लिए ठेके मांगने शुरू कर दिये बताया जा रहा है कि इनके पास पहले से ही एक ठेका इनके पास है । अब अन्य ठेका मांग रहे है जब उनकी मंशा पूरी नहीं हुई तो पहले तो फैक्ट्री के अफसरों पर दबाव बनाया और फिर फर्जी मुकदमों की साजिश रची है।
इस बीच भूपेन्द्र राठी और यशपाल राठी ने फैक्ट्री में लेबर को काम नहीं करने की चेतावनी दी तो फैक्ट्री मैनेजमेंट में हड़कपं मच गया । तब डिस्टलरी के एक अफसर ने एसएसपी अभिषेक यादव से फोन पर यह समस्या बताई तो एसएसपी ने उन्हें तुरंत अपने आवास पर बुलाकर पूरी बात सुनी और तुरंत मंसूरपुर पुलिस को आदेश दिए कि पुलिस फ़ोर्स तैनात कर ऐसे लोगो से सख्ती से निपटे फिर क्या था एसएसपी के आदेश के बाद मंसूरपुर पुलिस ने डिस्टलरी को छावनी बना दिया जिसका नतीजा आया कि यह लोग फैक्ट्री के आसपास भी नहीं दिखाई दिए । उन्ही के आदेश के बाद इन लोगो के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ ।



पुलिस में दर्ज कराई गयी एफआईआर के मुताबिक 19 जुलाई 2019 को भूपेन्द्र राठी और यशपाल राठी सुबह करीब 11 बजे फैक्ट्री के एवीपी ओमपाल सिंह के पास उनके कार्यालय में आये और उद्योग के नये प्लांट में ठेके मांगने शुरू कर दिये। इसके लिए अनैतिक रूप से दबाव बनाया गया। बता दें कि यशपाल राठी ने पूर्व में भी सरशादी लाल डिस्टलरी मन्सूरपुर में ठेके हासिल कर रखे हैं। इस मुलाकात के दौरान धमकी भी दी गयी। इसको लेकर एवीपी ओमपाल सिंह ने मन्सूरपुर थाना में यशपाल राठी और भूपेन्द्र राठी के खिलाफ तहरीर देकर एफआईआर दर्ज करायी। इस पर पुलिस ने कार्यवाही शुरू की तो इन बदमाशों में दहशत फैल गयी। इन बदमाशों ने फैक्ट्री अफसरों पर दबाव बनाने के लिए पहले धमकी दी, वह नहीं चली तो इन्होंने मन्सूरपुर थाने में फैक्ट्री के एवीपी ओमपाल व अन्य अधिकारियों को फंसाने के लिए तहरीर देकर कई झूठे आरोप लगाये। मन्सूरपुर एसओ के द्वारा तहरीर की जांच में फर्जीवाडा प्रतीत होने पर कोई कार्यवाही नहीं की गयी तो ये लोग अदालत पहुंचे और धारा 156(3) के अन्तर्गत मुकदमा दर्ज करने के आदेश कराये और पुलिस को अदालत के आदेश पर ह्त्या के प्रयास और एससी एसटी जैसी संगीन धाराओं में एफआईआर लिखनी पड़ी। इससे फैक्ट्री के अफसरों में दहशत बनी है।



भूपेन्द्र और यशपाल की साजिश का खुलासा इस बात से हो रहा है कि फैक्ट्री के एवीपी ओमपाल सिंह के खिलाफ जो मुकदमा दर्ज कराया है, उसमें मन्सूरपुर क्षेत्र के गांव खानूपुर निवासी 53 वर्षीय दलित रविन्द्र कुमार पुत्र घसीटू को भी 19 जुलाई को अपने साथ एवीपी ओमपाल सिंह के कार्यालय में दिखाया है। इसमें बताया कि वह अपने बकाया 32 लाख रुपये लेने के लिए वार्ता करने गये थे। इस दौरान रविन्द्र कुमार दलित के साथ ही गाली गलौच और जातिसूचक टिप्पणी करने के आरोप लगाये गये है, जबकि रविन्द्र कुमार ने 29 जुलाई को इस सम्बंध में एसएसपी और थाना प्रभारी मन्सूरपुर के नाम शपथ पत्र देकर स्पष्ट किया है कि 19 जुलाई को वह यशपाल और भूपेन्द्र के साथ नहीं था और ना ही उसके साथ किसी भी प्रकार की कोई अभद्रता फैक्ट्री अफसरों ने की है।



इसमें यह उल्लेखनीय है कि यशपाल राठी और भूपेन्द्र राठी पर खुद कई मुकदमे दर्ज हैं। इनमें भूपेन्द्र राठी पर मन्सूरपुर थाना में दर्ज मुकदमा अपराध संख्या 94/16 आईपीसी धारा 323, 504, 506, 452, मु.अ.संख्या-212/19 धारा 506 व एससीएसटी एक्ट तथा मु.अ. संख्या-285/19 धारा 386 दर्ज है तो वहीं तितावी थाना में उसके खिलाफ एनसीआर 23/19 दर्ज है। वहीं यशपाल राठी के खिलाफ मन्सूरपुर थाना में मु.अ. संख्या-319/12 धारा 341, 504 व मु.अ. संख्या-285/19 धारा 386 के अन्तर्गत मुकदमा दर्ज है।इससे यह साफ है कि सांडू के खात्मे के साथ ही कुछ लोग दहशत का कारोबार करने के लिए फिर से सक्रिय हो गये हैं। यशपाल राठी और भूपेन्द्र राठी के दबाव नहीं आने पर सरशादी लाल डिस्टलरी के एवीपी ओमपाल सिंह को निशाना बनाते हुए फर्जी मुकदमा दर्ज कराया गया है। इससे फैक्ट्री के अफसर भयमुक्त वातावरण देने वाली सीएम योगी की सरकार में एक बार फिर से दहशत में जीने को विवश हो रहे हैं। मगर डिस्टलरी मैनेजमेंट का मानना है कि योगी सरकार की बदमाशों के खिलाफ कार्यवाही और एसएसपी अभिषेक यादव की फेयर पुलिसिंग के चलते यशपाल राठी और भूपेन्द्र अपनी मनमानी नहीं कर पाएंगे ।

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