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दिव्यांगजन पुनर्वास सर्वोत्तम राज्य बना यूपी, अपर मुख्य सचिव महेश कुमार ने पाया पुरस्कार

दिव्यांगजन पुनर्वास सर्वोत्तम राज्य बना यूपी, अपर मुख्य सचिव महेश कुमार ने पाया पुरस्कार

लखनऊ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दिव्यांग कल्याण के स्वप्न को साकार करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार संवेदनशीलता के साथ आगे बढ़ रही है। इसके लिए राज्य में दिव्यांग जन के कल्याण के लिए सरकार द्वारा दी गयी जिम्मेदारियों का ब्यूरोक्रेसी में भी शत प्रतिशत पालन हो पा रहा है। यही कारण है कि आज दिव्यांगजन पुनर्वास के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश भारत वर्ष में निखर रहा है। वर्तमान में दिव्यांगजन विभाग को संभाल रहे अपर मुख्य सचिव महेश कुमार गुप्ता ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कल्याणकारी कार्यक्रमों को जिस शिद्दत के साथ आगे बढ़ाया है, उनकी उसी कर्मवीरता का नतीजा है कि आज उत्तर प्रदेश दिव्यांगजन पुनर्वास के क्षेत्र में भारत सरकार का सर्वोत्तम पुरस्कार हासिल कर सका है। इस उपलब्धि पर स्वयं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिव्यांग जन विभाग के अपर मुख्य सचिव महेश कुमार गुप्ता और उनकी टीम की सराहना की है।





केन्द्र सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा दिव्यांगजन पुनर्वास के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश को सर्वोत्तम राज्य का पुरस्कार प्रदान किया


केन्द्र सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा दिव्यांगजन पुनर्वास के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश को सर्वोत्तम राज्य का पुरस्कार प्रदान किया गया। इसके अतिरिक्त दो अन्य श्रेणियों में भी उत्तर प्रदेश को पुरस्कृत किया गया। यह पुरस्कार विश्व दिव्यांगजन दिवस के मौके पर विज्ञान भवन, नई दिल्ली में आयोजित समारोह में उपराष्ट्रपति एम.वेंकैया नायडू द्वारा प्रदान किये गये। अपर मुख्य सचिव महेश कुमार गुप्ता ने प्रदेश सरकार की तरफ से यह पुरस्कार प्राप्त किए। इसके अतिरिक्त शबीना सैफी लखनऊ, विदिशा गाजियाबाद, सीमा तिवारी झांसी एवं प्रियंका देवी लखनऊ को अन्य श्रेणियों में राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किये गये।







अपर मुख्य सचिव, पिछड़ा वर्ग कल्याण, दिव्यांगजन सशक्तीकरण एवं सचिवालय प्रशासन उत्तर प्रदेश महेश कुमार गुप्ता ने बताया


अपर मुख्य सचिव, पिछड़ा वर्ग कल्याण, दिव्यांगजन सशक्तीकरण एवं सचिवालय प्रशासन उत्तर प्रदेश महेश कुमार गुप्ता ने बताया कि सुगम्य भारत अभियान के क्रियान्वयन के लिए उत्तर प्रदेश को सर्वोत्तम राज्य का राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किया गया है। इसके अतिरिक्त विभाग की वेबसाइट को सर्वोत्तम दिव्यांग हितैषी वेबसाइट तथा सर्वश्रेष्ठ पुनर्वास सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए वाराणसी जिले को सर्वोत्तम जिले का पुरस्कार प्रदान किया गया है। अपर मुख्य सचिव ने बताया कि भारत सरकार द्वारा दिव्यांगजन के लिए सुगम्य भौतिक अवस्थापना एवं अन्य संचार सुविधाएं मुहैया कराने के लिए सुगम्य भारत अभियान का शुभारंभ वर्ष 2014-15 में किया गया था। जिसके तहत प्रदेश के विभिन्न जिलों में सार्वजनिक भवनों को दिव्यांगजन हितैषी बनाए जाने के लिए तीन वर्षों में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा किए गए प्रयासों को सर्वोत्तम मानते हुए सर्वोत्तम राज्य का पुरस्कार प्रदान किया गया है। महेश कुमार गुप्ता ने बताया कि सर्वोत्तम सुगम्य वेबसाइट में दृष्टिबाधित दिव्यांगजन स्क्रीन रीडर साफ्टवेयर का प्रयोग किया गया है। माउस का प्रयोग करने में कठिनाई महसूस करने वाले व्यक्ति इस वेबसाइट पर वायस रिकगनिशन साफ्टवेयर का प्रयोग कर सकते हैं। वर्बल कमांड पर कंप्यूटर काम करता है। वाराणसी में दिव्यांगों के लिए अच्छा काम होने के कारण सर्वोत्तम जनपद का पुरस्कार मिला है।







आईएएस महेश कुमार गुप्ता एक बेहतरीन इलेक्ट्रिकल इंजीनियर हैं


आज सीएम योगी आदित्यनाथ के ड्रीम को पूरा करने में जुटे अपर मुख्य सचिव, पिछड़ा वर्ग कल्याण, दिव्यांगजन सशक्तीकरण एवं सचिवालय प्रशासन उत्तर प्रदेश महेश कुमार गुप्ता अखिलेश यादव की सरकार में भी शासन में प्राथमिकता पर रहे है। साल 1987 बैच के आईएएस अफसर महेश कुमार गुप्ता को प्रशासनिक सेवा का लम्बा अनुभव रहा है। उन्होंने जिला प्रशासन से ज्यादा शासन में काम किया है। यही कारण है कि आज वह शासन में रहकर उत्तर प्रदेश को दिव्यांगजन पुनर्वास और उनके कल्याण के क्षेत्र में उत्तम प्रदेश बनाने में सफल हो पा रहे हैं। अब तक के अपने प्रशासनिक सेवाकाल में महेश कुमार गुप्ता को 45 पोस्टिंग मिली, इनमें वह छह जनपदों में जिलाधिकारी पद पर कार्यरत रहे, इनमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कर्मभूमि गोरखपुर भी है।




मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनको राज्य में पिछडा वर्ग कल्याण, दिव्यांगजन सशक्तिकरण एवं सचिवालय की जिम्मेदारी सौंपी

मूल रूप से उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जनपद में 03 मई 1964 को जन्मे महेश कुमार गुप्ता ने सिविल सर्विस में जाने का मन बनाया और 1986 में परीक्षा उत्तीर्ण करने में सफलता मिली। 1987 बैच के आईएएस अफसर के रूप में पौडी गढवाल (आज उत्तराखंड में) जिले से अपना प्रशासनिक सेवा का सफर शुरू करने वाले महेश कुमार गुप्ता को इस पोस्टिंग में कार्यकारी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया था। यहां से ज्वाइंट मजिस्ट्रेट देवरिया बनाया गया और वह देवरिया में ही 1992 तक सीडीओ रहे। इसके बाद लखनऊ शासन में विभिन्न पदों पर रहने के बाद महेश कुमार गुप्ता को 16 जून 1995 में उत्तरकाशी जनपद में जिलाधिकारी बनाया गया। यहां वह छह माह ही तैनात रहे। 5 अगस्त 1996 को उनको आज के उत्तराखंड के जनपद उधम सिंह नगर में जिला मजिस्ट्रेट बनाया गया। वह उत्तरकाशी, उधमसिंह नगर के साथ ही मऊ, एटा, गोरखपुर और आगरा में जिला अधिकारी के रूप में कार्यरत रहे। सपा सरकार के सत्ता में आने के बाद 2002 में उनको आगरा डीएम के पद से हटाकर शासन में बुला लिया गया था। 12 नवम्बर 2003 को उनको मिर्जापुर मण्डल का कमिश्नर बनाया गया। इसके बाद वह कानपुर नगर के डिविजन कमिश्नर के रूप में तैनात रहे। लखनऊ में कमिश्नर पद पर वह काफी समय तक तैनात रहे। साल 2018 में उनको अपर मुख्य सचिव बनाया गया, इसके साथ ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनको राज्य में पिछडा वर्ग कल्याण, दिव्यांगजन सशक्तिकरण एवं सचिवालय की जिम्मेदारी सौंपी। प्रोद्योगिकी में मास्टर डिग्री रखने वाले आईएएस महेश कुमार गुप्ता एक बेहतरीन इलेक्ट्रिकल इंजीनियर हैं।

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