अमित शाह ने मिजोरम के आइज़ोल में नॉर्थ ईस्ट हैंडलूम और हस्तशिल्प प्रदर्शनी का उद्घाटन किया

अमित शाह ने मिजोरम के आइज़ोल में नॉर्थ ईस्ट हैंडलूम और हस्तशिल्प प्रदर्शनी का उद्घाटन कियाThe Union Home Minister,Amit Shah inaugurating the North East Handloom and Handicraft Exhibition, in Aizawl, Mizoram on . The Chief Minister of Mizoram, Zoramthanga and the Minister of State for Development of North Eastern Region (I/C), Prime Minister’s Office, Personnel, Public Grievances & Pensions, Atomic Energy and Space, Dr. Jitendra Singh are also seen.

नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा पिछले 5 वर्षों में उत्तर पूर्व के विकासात्मक कार्यों को अधिक महत्व दिया गया : केंद्रीय गृह मंत्री

पिछले 5 वर्षों में पीएम नरेंद्र मोदी ने दिन-रात पूरे उत्तर पूर्व को शांति और समृद्धि की राह पर आगे बढ़ाने के लिए काम किया है: अमित शाह

उग्रवाद से प्रभावित होने के बाद मिजोरम आज शांति और बंधुत्व के प्रतीक के रूप में खड़ा है, जो पूरी दुनिया के लिए एक प्रेरणा है : अमित शाह

आइज़ोल । केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज मिजोरम के आइजोल में नॉर्थ ईस्ट हैंडलूम और हस्तशिल्प प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। इस मौके पर बोलते हुए उनका कहना था कि उग्रवाद और अलगाववाद से प्रभावित होने के बाद आज मिज़ोरम शांति और बंधुत्व के प्रतीक के रूप में खड़ा है और पूरी दुनिया के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गया। उन्‍होंने भारत के सबसे खूबसूरत राज्यों में से एक में जाने की खुशी जताई और इस क्षेत्र को भारतीय लोकतंत्र का एक महत्वपूर्ण प्रतिनिधि बताया।






शाह ने कहा कि यह नॉर्थ ईस्ट में आयोजित की जाने वाली पहली हथकरघा और हस्तशिल्प प्रदर्शनी है। उन्होंने कहा कि हथकरघा उत्तर पूर्व में रोजगार के बड़े अवसर पैदा करने की क्षमता रखता है और लोगों के विकास और विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।






शाह ने कहा कि भारत का पूर्वोत्तर क्षेत्र हथकरघा और हस्तशिल्प क्षेत्र के लिए वन उपज और अन्य कच्चे माल की उपलब्धता से समृद्ध है। हस्तशिल्प में कुशल लोगों की उपस्थिति की पारंपरिक संस्कृति के साथ इसे जोड़ते हुए उन्होंने कहा कि हस्तशिल्प उत्तर पूर्व के विकास में एक अग्रणी भूमिका निभा सकता है।

गृह मंत्री ने कहा कि 2014 में बनी पहली मोदी सरकार के दौरान बांस को उन पेड़ों की सूची से बाहर ले जाया गया था जो पर्यावरण के दृष्टिकोण से कटाई के लिए निषिद्ध थे। इस निर्णय के साथ, सरकार द्वारा हस्तशिल्प क्षेत्र को सुविधाजनक बनाने के लिए बांस की उपलब्धता बढ़ाई गई है। उन्होंने कहा कि इससे नॉर्थ ईस्ट क्षेत्र को सबसे ज्यादा फायदा होगा। श्री शाह ने उत्तर पूर्व को समृद्ध बनाने के लिए प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उठाए गए कदमों के बारे में बात करते हुए कहा कि पीएम ने दिन और रात पूरे उत्तर पूर्व को शांति और समृद्धि की राह पर आगे बढ़ाने के लिए काम किया है। पिछले 5 वर्षों में मिजोरम में कई विकासात्मक परियोजनाएं शुरू की गई हैं, जिसमें 60 मेगावाट ट्यूरियल पनबिजली परियोजना शामिल है।








गृह मंत्री ने यह विश्वास भी जताया कि 2021 तक आइजोल को ब्रॉडगेज रेलवे द्वारा जोड़ा जाएगा। कलदन मल्टी मोडल जलमार्ग और नई सीमा हाटों की स्थापना से मिजोरम में व्यापार और वाणिज्य के बड़े अवसर आएंगे। उन्होंने कहा कि आइजोल में ग्रेटर आइजॉल जल परियोजना, राज्य रेफरल अस्पताल, राज्य खेल अकादमी, बागवानी महाविद्यालय और एक क्रिकेट स्टेडियम सहित कई परियोजनाओं पर कार्य किया गया है।


शाह ने पिछली सरकार के साथ तुलना करते हुए कहा कि13 वें वित्त आयोग (एफसी) के दौरान मिज़ोरम को 19,974 करोड़ रुपये दिए गए थे जब कि 14 वें एफसी के दौरान मोदी सरकार द्वारा मिजोरम के विकास के लिए 42,972 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। उन्होंने पीएम उज्ज्वला योजना के तहत एलपीजी कनेक्शन, पीएम आवास योजना के तहत मकान, पीएम जन धन योजना के तहत खोले गए बैंक खाते, पीएम मुद्रा योजना के तहत युवाओं को दिए गए ऋण, राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण जैसे केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं पर प्रगति का विवरण दिया। उन्होंने गौरव के साथ कहा कि आज मिजोरम पूरी तरह से खुले में शौच मुक्त राज्य है तथा राजमार्ग, घरेलू विद्युतीकरण आदि का कार्य तेजी से किया जा रहा है।





शाह ने उत्तर पूर्व के विकास के लिए सरकार द्वारा दिए गए महत्व पर जोर देते हुए कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार मिजोरम के विकास को सुनिश्चित करने और राज्य के सामने आने वाली सभी प्रकार की चुनौतियों का समाधान खोजने के लिए पूरी तरह से कटिबद्ध है। उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा राज्य को तेजी से प्रगति और विकास के पथ पर ले जाने के लिए मिजोरम के मुख्‍यमंत्री को पूर्ण सहयोग और सहायता का आश्वासन दिया।


इस अवसर पर मिज़ोरम के मुख्यमंत्री, ज़ोरमथांगा और केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतन्त्र प्रभार) उत्तर पूर्वी क्षेत्र के विकास और प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन और परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष विभाग के विभागों के प्रमुख डॉ. जितेंद्र सिंह भी मौजूद रहे।

Top